हिंदी सिनेमा में अब तक कई सारे गाने रिलीज हुए हैं. जो दर्शकों को काफी ज्यादा पसंद आते हैं. आज हम आपको एक ऐसे गाने के बारे में बताएंगे, जिसे बेटे की याद में लिखा गया था. हालांकि, लोग इस गाने को आज भी लोग रोमांटिक समझते हैं. चलिए जानते हैं इस गाने के बारे में.
भरत व्यास का गाना

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हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, उसे 1959 में रिलीज किया गया था. उस दौर में इस गाने को लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया था और इस गाने को लोग रेडियो पर सुना करते थे. उस जमाने में इस गाने के कैसेट भी खूब बिके थे.
आ लौट के आजा मेरे मीत को किसने लिखा था

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हालांकि, आज भी यह गाना लोग गुनगुनाते हुए नजर आते हैं. हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, उसके बोल, 'आ लौट के आजा मेरे मीत...' इस गाने को भरत व्यास ने अपने बेटे की याद में लिखा था. दरअसल, काफी कम लोग ही जानते हैं कि इस गाने में एक पिता का दर्द छुपा हुआ है.
आ लौट के आजा मेरे मीत गाना कब हुआ रिलीज

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आपको बता दें कि भरत व्यास ने इस गाने उस वक्त लिखा था. जब उनका अपना बेटा उन्हें छोड़कर चला गया था. दरअसल, भरत व्यास का बेटा व्यास सुंदर दास उनका काफी लाड़ला बेटा था. उस पर भरत व्यास की छोटी-छोटी बातों का काफी गहरा असर पड़ता था.
आ लौट के आजा मेरे मीत

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हालांकि, आज भी लोग भरत व्यास के इस गाने को रोमांटिक गाना समझते हैं. लेकिन आप इस गाने के लिरिक्स को ध्यान से पढ़ेंगे या सुनेंगे तो आपको इस गाने में कलेजा चीर देने वाला दर्द साफ पता चलेगा. आप 'आ लौट के आजा मेरे मीत...' गाने को यूट्यूब पर सुन सकते हैं. इस गाने को मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी.