अमेरिका में नहीं होता IAS जैसा कठिन एग्जाम... तो फिर कैसे बनते हैं ब्यूरोक्रेट्स?

भारत और अमेरिका की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा अंतर है. भारत में IAS-IPS जैसी स्थायी नौकरशाही व्यवस्था है, जबकि अमेरिका में राष्ट्रपति बदलने के साथ हजारों शीर्ष अधिकारियों की नियुक्तियां भी बदल जाती हैं. जानिए दोनों देशों की ब्यूरोक्रेसी कैसे काम करती है और किस मॉडल की क्या खासियत हैं

India vs USA Administration System
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Credit: AI

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भारत में IAS, अमेरिका में नहीं

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भारत में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करने के बाद अधिकारी IAS, IPS और बाकी प्रतिष्ठित सेवाओं में नियुक्त होते हैं. ये अधिकारी सरकार बदलने के बावजूद अपने पद पर बने रहते हैं. वहीं अमेरिका में भारत जैसी कोई  IAS सेवा नहीं है. वहां प्रशासनिक ढांचा अलग तरीके से ऑपरेट होता है.

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क्या है भारत की परमानेंट ब्यूरोक्रेसी?

क्या है भारत की परमानेंट ब्यूरोक्रेसी?3 / 7

भारत ने ब्रिटिश शासन से मिले वेस्टमिंस्टर मॉडल को अपनाया है. यहां ब्यूरोक्रेट्स को संवैधानिक सुरक्षा मिलती है और उनपर राजनीतिक बदलावों से असर नहीं पड़ता. यही वजह है कि सरकारें बदलने पर भी प्रशासनिक व्यवस्था लगातार काम करती रहती है.

अमेरिका का ‘Spoils System’ क्या है?

अमेरिका का ‘Spoils System’ क्या है?4 / 7

अमेरिका में राष्ट्रपति के सत्ता में आने के बाद हजारों शीर्ष पदों पर नई नियुक्तियां की जाती हैं. इसे 'Spoils System' या राजनीतिक नियुक्ति व्यवस्था कहा जाता है. इसमें राष्ट्रपति अपनी नीतियों और विचारधारा के मुताबिक लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देता है.

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राष्ट्रपति बदलते ही बदल जाते हैं अधिकारी

राष्ट्रपति बदलते ही बदल जाते हैं अधिकारी5 / 7

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 4,000 शीर्ष प्रशासनिक पद ऐसे होते हैं जिन पर राष्ट्रपति अपनी पसंद के लोगों को नियुक्त कर सकता है. नई सरकार आने पर इन पदों पर बैठे अधिकारी भी बदल सकते हैं. ये व्यवस्था भारत से बिल्कुल अलग है.

फिर अमेरिका में स्थिरता कैसे बनी रहती है?

फिर अमेरिका में स्थिरता कैसे बनी रहती है?6 / 7

हालांकि टॉप लेवल पर राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं, लेकिन उनके नीचे लाखों स्थायी सरकारी कर्मचारी कार्यरत रहते हैं. ये कर्मचारी 'फेडरल सिविल सर्विस' का हिस्सा होते हैं और काबिलियत के आधार पर नियुक्त किए जाते हैं. सरकार बदलने से उनकी नौकरी पर असर नहीं पड़ता.

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अमेरिका में नियुक्तियां कैसे होती हैं?

अमेरिका में नियुक्तियां कैसे होती हैं?7 / 7

अमेरिका में ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों की भर्ती अलग-अलग एजेंसियों और विभागों के जरिए होती है. यहां UPSC जैसी एक केंद्रीय परीक्षा नहीं होती. अलग-अलग पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं और काबिलियत को प्राथमिकता दी जाती है. (All Photos Credit: Freepik)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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