Monsoon Latest Update Today : मॉनसून की बारिश में भले ही देरी हो, लेकिन उससे पहले ही सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में मौसम करवट बदल सकता है और 28 से 31 मई के बीच बारिश के संकेत हैं. दरअसल, IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून इस साल अभी तक केरल तट पर नहीं पहुंचा. वहीं उत्तर भारत के कईं राज्यों राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से वेस्ट यूपी तक आज तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा है. अगले 2-3 दिन के दौरान दक्षिण पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हालात हैं.
सबसे पहले केरल पहुंचता है मानसून

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आम तौर पर मानसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है. पिछले साल मानसून 1 जून 2025 को 8 दिन पहले 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था. मानसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर भी कर लिया था. लेकिन इस बार ये 2-3 जून को केरल पहुंच सकता है. अंडमान निकोबार द्वीप के बाद केरल वो स्थान है, जहां मॉनसून सबसे पहले पहुंचता है. यह पूरे देश के लिए राहत, ठंडी हवाओं और बारिश के मौसम का संकेत है.
92 फीसदी बारिश होने की संभावना

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दक्षिण-पश्चिम मानसून एक मौसम प्रणाली है, जो केरल, महाराष्ट्र से बढ़ते हुए जून से सितंबर तक उत्तर भारत में बारिश लेकर आती है. इससे भारत की सालाना बारिश का लगभग 70 प्रतिशत मिलता है. लंबे समय के अनुमान (LPA) रिपोर्ट में कहा गया है इस साल जून से सितंबर के बीच देशभर में LPA का 92 फीसदी बारिश होने की संभावना है, यानी आठ फीसदी कम. अब भारत मौसम विभाग दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर ताजा रिपोर्ट मई के अंत में जारी करेगा.
मानसून में कम बारिश का पूर्वानुमान

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मानसून के आगमन में कई वायुमंडलीय परिस्थितियां भूमिका निभाती हैं. इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है. आकलन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसूनसीजन के दौरान अल नीनो के हालात पैदा हो सकते हैं. इस कारण इस साल मॉनसून सीजन में कम बारिश होने के संकेत हैं. अल नीनो सक्रिय होने का ज्यादा असर मानसून की बारिश पर अगस्त और सितंबर महीनों में पड़ने का अंदेशा है.
दिल्ली व पंजाब तक बिगड़ेगा मौसम

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उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, और जम्मू-कश्मीर में बारिश का अलर्ट है. उत्तराखंड. जम्मू-कश्मीर में 30 मई तक बारिश आने का अनुमान है. हिमाचल में 29 मई को बारिश आ सकती है. साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगे.वेस्ट यूपी में नोएडा, गाजियाबाद, बागपत से हापुड़ तक 28 से 31 मई तक हल्की से तेज बारिश आ सकती है. 70 से 80 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी आने की भी चेतावनी है. 29 मई को पूर्वांचल में भी 80 किमी प्रति घंटे रफ्तार से आंधी तूफान आने की चेतावनी है.
मानसून के पहले कहां-कब बारिश

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उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में 28 से 30 मई तक बारिश
हिमाचल में 28-29 मई को बारिश, आंधी
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,में 28 से 31 मई
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 31 मई के बीच
राजस्थान में 28 और 29 मई को आंधी, बारिश
मध्य प्रदेश, गोवा में 29 मई तक बारिश
महाराष्ट्र में 26 से 28 मई, गुजरात में 30 से 1 जून के बीच
बिहार, ओडिशा में 26 से 30 मई के बीच आंधी, बारिश
झारखंड में एक हफ्ते तक का रेन अलर्ट
मुंबई, केरल में भी 28-29 तक बारिश
बेमौसम कोई बारिश मानसून नहीं

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बेमौसम किसी भी बारिश को मानसून नहीं कह सकते. केरल में पहले से ही प्री मानसून बारिश हो रही है. तिरुवनंतपुरम, अलपुझा, कोल्लम और एर्नाकुलम समेत 4 जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है.मई के अंत में जब केरल के 14 मौसम केंद्रों में से कम से कम 60 प्रतिशत सेंटर पर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज होती है. साथ ही हवा और बादल छाने के मानक पूरे होते हैं, तब भारत मौसम विभाग मॉनसून आने की घोषणा करता है.
उत्तर भारत में हीटवेव का अलर्ट

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उत्तर भारत में अभी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान जैसे उत्तर भारत के राज्य भयंकर हीटवेव का सामना कर रहे हैं. इन शहरों में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 26 से 27 डिग्री तक हो गया है. इससे दिन ही नहीं रातें भी गर्म हो रही हैं. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ इलाके में भी भयंकर गर्मी पड़ रही है. राहत वाली बात यह है कि आने वाले अगले तीन दिन उत्तर भारत के लिए राहत वाले हो सकते हैं.