LPG Cylinder Big Update: होर्मुज स्‍ट्रेट खुलते ही देश में खत्म हुआ गैस संकट; जानें क्या अब सस्ते होंगे पेट्रोल, डीजल और LPG?

Ministry of Petroleum Fuel Backlog Report: पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में एलपीजी बैकलाग घटकर 3.1 दिन रह गया है। जानिए तेल कंपनियों के ₹700 प्रति सिलेंडर घाटे और कीमतों में कटौती की पूरी अपडेट।

Strait of Hormuz Reopens LPG Supply India
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ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौते के बाद भारत के करोड़ों आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घोषणा की है कि मिडिल ईस्ट संकट के कारण प्रभावित हुई एलपीजी (LPG) की सप्लाई अब पूरी तरह सामान्य हो गई है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से देश में गैस का बैकलाग घटकर महज 3.1 दिन रह गया है। हालांकि, सप्लाई सुधरने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या युद्ध के दौरान बढ़े पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम अब कम होंगे? आइए, जानते हैं मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों का इस पर क्या कहना है।

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गैस और ईंधन संकट से बड़ी राहत, सप्लाई चेन लौटी पटरी पर

गैस और ईंधन संकट से बड़ी राहत, सप्लाई चेन लौटी पटरी पर2 / 6

मिडिल ईस्ट में करीब 108 दिनों (28 फरवरी, 2026 से शुरू हुए संकट) के तनाव के बाद आखिरकार ईंधन की आपूर्ति सामान्य हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, देश के दूर-दराज के इलाकों में भी अब घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं होगी। पेट्रोल पंपों से लेकर एलपीजी गैस एजेंसियों तक, सभी रिटेल आउटलेट्स पर ऑपरेशन्स अब पहले की तरह सुचारू रूप से चल रहे हैं। यह भी पढें : Gas Cylinder New Booking Price: गैस स‍िलेंडर के नए रेट्स जारी! क्‍या सस्‍ता हो गया LPG? चेक करें Latest Update

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क्या कम होंगी कीमतें? जानिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकार का रुख

क्या कम होंगी कीमतें? जानिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकार का रुख 3 / 6

सप्लाई सामान्य होने के बाद आम जनता की नजरें अब कीमतों में कटौती पर टिकी हुई हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते हालातों और कच्चे तेल के दामों की समीक्षा के बाद ही घरेलू बाजार में रिटेल कीमतों (Retail Prices) को घटाने पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि सप्लाई भले ही सुधर गई हो, लेकिन तेल कंपनियां अभी भी हर एक एलपीजी सिलेंडर और प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर पुराने घाटे (Under-recovery) का सामना कर रही हैं।

अब भी घाटे में हैं तेल कंपनियां! प्रति सिलेंडर ₹700 का नुकसान

अब भी घाटे में हैं तेल कंपनियां! प्रति सिलेंडर ₹700 का नुकसान 4 / 6

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कीमतों में पिछले दिनों हुई बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकारी तेल कंपनियों को वर्तमान में प्रति एलपीजी सिलेंडर ₹700 की अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) हो रही है। वहीं प्रति लीटर डीजल पर ₹27 और प्रति लीटर पेट्रोल पर ₹3 का नुकसान बना हुआ है। इस भारी अंडर-रिकवरी के कारण भारत की सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन लगभग ₹652 करोड़ का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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क्यों बढ़ा था भारत का खर्च? 85% कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भरता

क्यों बढ़ा था भारत का खर्च? 85% कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भरता5 / 6

मिडिल ईस्ट के संकट ने भारत के आयात गणित को पूरी तरह प्रभावित कर दिया था, जिसे अब सुधारा जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल (Crude Oil), 50% एलएनजी (LNG) और 60% एलपीजी (LPG) वैश्विक बाजारों से खरीदता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता था। युद्ध के असर को कम करने के लिए भारत ने दुनिया के दूसरे नए बाजारों से तेल और गैस का आयात शुरू किया, जिससे सप्लाई तो बची रही लेकिन ट्रांसपोर्टेशन और इंपोर्ट कॉस्ट (आयात लागत) काफी बढ़ गई।

आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने दिए ₹1.23 लाख करोड़

आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने दिए ₹1.23 लाख करोड़6 / 6

युद्ध के शुरुआती 78 दिनों के दौरान देश में हाहाकार न मचे, इसके लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय सपोर्ट दिया था। सरकार ने अपनी टैक्स रीवेन्यू (कर राजस्व) को छोड़ते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई थी, ताकि तेल कंपनियों के आसमान छूते घाटे का बोझ सीधा आम जनता की जेब पर न पड़े। पिछले एक साल में घरेलू एलपीजी पर कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जो इससे पिछले साल ₹41,338 करोड़ थी। सरकार स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रही है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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