Salary Account Alert: बैंक आपके सैलरी अकाउंट को बना सकता है सेविंग खाता! जेब पर पड़ेगा असर
सैलरी अकाउंट रखने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बैंक की ओर से एक जरूरी चेतावनी जारी की गई है। अगर आप लंबे समय से अपनी कंपनी बदल चुके हैं या बेरोजगार हैं, तो आपका सैलरी अकाउंट (Salary Account) आपके लिए मुसीबत बन सकता है।

Salary Account Alert: क्या आप जानते हैं कि आपका सैलरी अकाउंट हमेशा के लिए 'सैलरी अकाउंट' नहीं रहता? यदि आपके खाते में लगातार तीन महीने तक सैलरी क्रेडिट नहीं होती है, तो बैंक उसे ऑटोमैटिकली सेविंग अकाउंट (Saving Account) में बदल देता है। इसके बाद आपको उन सुविधाओं से हाथ धोना पड़ सकता है जो अब तक मुफ्त मिल रही थीं।
क्यों बदल जाता है अकाउंट का स्टेटस? जानें 3 महीने का नियम
2 / 6बैंकों के नियमों के मुताबिक, सैलरी अकाउंट की पहचान उसमें हर महीने आने वाली तनख्वाह से होती है। अगर आप नौकरी छोड़ देते हैं या किसी कारणवश लगातार 3 महीने तक सैलरी नहीं आती, तो बैंक मान लेता है कि अब यह कॉर्पोरेट खाता नहीं रहा। इसके बाद उस पर साधारण बचत खाते के नियम लागू हो जाते हैं।
मिनिमम बैलेंस का झंझट: अब खाली रखा खाता तो लगेगा जुर्माना
3 / 6सैलरी अकाउंट की सबसे बड़ी खूबी 'जीरो बैलेंस' (Zero Balance) की सुविधा होती है। लेकिन जैसे ही यह सेविंग अकाउंट में बदलता है, आपको बैंक द्वारा तय न्यूनतम बैलेंस (Average Monthly Balance) बनाए रखना अनिवार्य हो जाता है। ऐसा न करने पर बैंक आपसे भारी पेनल्टी वसूल सकता है।
मुफ्त सुविधाओं पर लगेगी लगाम: चेकबुक और एटीएम कार्ड के बढ़ेंगे दाम
4 / 6सैलरी अकाउंट पर बैंक अक्सर अनलिमिटेड एटीएम ट्रांजैक्शन, मुफ्त चेकबुक और डिमांड ड्राफ्ट जैसी सुविधाएं देते हैं। सेविंग अकाउंट बनते ही ये सुविधाएं सीमित हो जाती हैं और तय सीमा के बाद आपको हर ट्रांजैक्शन के लिए अलग से चार्ज देना पड़ता है।
क्रेडिट कार्ड और लोन के ऑफर्स भी हो सकते हैं खत्म
5 / 6बैंक अक्सर सैलरी अकाउंट होल्डर्स को 'प्री-अप्रूव्ड' लोन और लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड जैसे आकर्षक ऑफर देते हैं। अकाउंट का स्टेटस बदलते ही आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ता है और बैंक इन स्पेशल ऑफर्स को वापस ले सकता है या ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
क्या है समाधान? कैसे बचें भारी जुर्माने से?
6 / 6अगर आपने नौकरी बदली है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और नए एम्प्लॉयर की जानकारी देकर खाते को दोबारा सैलरी अकाउंट के रूप में मैप कराएं। यदि आप कुछ समय के लिए बेरोजगार हैं, तो खाते में मिनिमम बैलेंस जरूर रखें या बैंक से बात कर उसे बंद करवा दें ताकि बेमतलब के चार्जेस से बचा जा सके।