500-1000 Notes New Rule: RBI ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के लिए जारी किए नए नियम! सरकार ने बताई दावों के पीछे की सच्चाई
सोशल मीडिया पर पुराने ₹500 और ₹1000 के नोटों को बदलने की खबरों ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। एक वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इन्हें बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं। हालांकि, सरकार ने इस पर स्थिति साफ कर दी है।

क्या वापस आ रहे हैं ₹500 और ₹1000 के पुराने नोट? सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया गया है कि RBI ने बंद हो चुके ₹500 और ₹1000 के नोटों को बदलने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इस खबर के साथ RBI गवर्नर की फोटो भी शेयर की जा रही है। आइए जानते हैं सरकार ने इस पर क्या कहा है।
PIB का खुलासा: यह दावा पूरी तरह फर्जी है
2 / 6प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल दावे का फैक्ट-चेक किया है। PIB ने स्पष्ट किया है कि RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट और खबर पूरी तरह फर्जी (Fake) है। सरकार ने लोगों से ऐसी भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील की है।
क्या है वायरल मैसेज में? गवर्नर की फोटो का गलत इस्तेमाल
3 / 6वायरल पोस्ट में एक न्यूज रिपोर्ट का हिस्सा दिखाया गया है जिसकी हेडलाइन है— "RBI ने पुराने 500-1000 के नोटों के लिए नए नियम जारी किए"। इसमें RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की तस्वीर का इस्तेमाल कर इसे आधिकारिक रूप देने की कोशिश की गई है, जो कि सरासर गलत है।
कब बंद हुए थे ये नोट? याद दिला दें 'नोटबंदी' का वो दिन
4 / 6भारत में 8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹500 और ₹1000 के नोटों को बंद करने (Demonetization) का ऐलान किया था। इसका मुख्य उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना और जाली नोटों के कारोबार को खत्म करना था। तब से ये नोट कानूनी रूप से अमान्य हैं।
2000 के नोटों का क्या हुआ? RBI ने पूरा किया प्रोसेस
5 / 6नोटबंदी के बाद जारी किए गए ₹2000 के गुलाबी नोटों को भी RBI ने अब चलन से बाहर कर दिया है। इन्हें बदलने और जमा करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में केवल नए ₹500 के नोट और अन्य छोटी मूल्यवर्ग की मुद्राएं ही वैध हैं।
सावधानी ही सुरक्षा: फर्जी संदेशों को न करें फॉरवर्ड
6 / 6PIB ने जनता से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी संदेश को फॉरवर्ड न करें। वित्तीय नियमों या मुद्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल RBI की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध संदेश की सत्यता जांचने के लिए आप उसे PIB को भेज सकते हैं।



















