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पुणे से बेंगलुरु अब सिर्फ 7 घंटे में पहुंच पाएं! जी हां, क्योंकि 50000 करोड़ रुपये की लागत से 8-लेन एक्सप्रेसवे जल्द शुरू होने जा रहा है। इसके तैयार होते ही महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई शहरों की किस्मत बदल जाएगी।
Pune–Bengaluru Expressway: 15 घंटे का सफर अब सिर्फ 7 घंटे में!

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पुणे और बेंगलुरु के बीच का सफर अब थकाने वाला नहीं होगा। प्रस्तावित 700 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे इन दो बड़े आईटी हब्स के बीच की दूरी को समय के मामले में आधा कर देगा। अब आप सुबह पुणे से निकलकर दोपहर का खाना बेंगलुरु में खा सकेंगे।
700 किमी लंबा और 8 लेन का गलियारा

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यह एक्सप्रेसवे लगभग 700 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 6 से 8 लेन होंगी। यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसका मतलब है कि बिना किसी रुकावट के वाहन तेज रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹45,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ के बीच है।
इन शहरों की बदल जाएगी किस्मत

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यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगी:
महाराष्ट्र: पुणे, सतारा और सांगली।
कर्नाटक: बेलगावी, विजयनगर, दावणगेरे और तुमकुरु।
इन क्षेत्रों में नए उद्योग, लॉजिस्टिक्स पार्क और बिजनेस हब विकसित होंगे।
पुणे रिंग रोड से सीधे बेंगलुरु रिंग रोड तक कनेक्टिविटी

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यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी का मास्टर स्ट्रोक है। यह पुणे के आउटर रिंग रोड को बेंगलुरु के सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) से सीधे जोड़ेगा। इससे शहरों के अंदरूनी ट्रैफिक में फंसे बिना वाहन सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे।
किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा

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यह कॉरिडोर केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि रसद (Logistics) के लिए भी लाइफलाइन बनेगा। पश्चिमी महाराष्ट्र के कृषि उत्पाद और बेंगलुरु के तकनीकी सामान का परिवहन अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और सस्ता होगा, जिससे दोनों राज्यों की जीडीपी को मजबूती मिलेगी।
कब शुरू होगा काम? अंतिम मंजूरी का इंतजार

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अधिकारियों के मुताबिक, अगले कुछ हफ्तों में एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी मिल सकती है। इसके तुरंत बाद भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भारत के 25 चुनिंदा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में से यह सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है।