Property Registration Rules 2026: जमीन-मकान की रजिस्ट्री के नियम बदले! अब इस कागज के बिना नहीं होगा काम, जानें क्या हुए बदलाव
Property Registration New Rules 2026: यूपी में रजिस्ट्री होते ही खुद दाखिल-खारिज होगा। धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार के सिर्फ आखिरी 4 अंक होंगे दर्ज। जानें नए नियम में कौन से बदलाव किए गए हैं।

अगर आप भी जमीन, प्लॉट या मकान खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रजिस्ट्री दफ्तरों में होने वाले फर्जीवाड़े, भू-माफियाओं के खेल और टैक्स चोरी को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और आयकर विभाग (Income Tax) ने मिलकर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है। अब सब कुछ डिजिटल होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी बल्कि रजिस्ट्री होते ही म्यूटेशन (दाखिल-खारिज/नाम ट्रांसफर) भी बेहद आसान हो जाएगा। आइए, रजिस्ट्री के ये नए और कड़े नियम समझते हैं।
पैन (PAN) और आधार हुआ अनिवार्य, रजिस्ट्री होते ही खुद होगा नाम ट्रांसफर
2 / 5आयकर विभाग से मिले इनपुट्स के बाद सरकार ने इसी महीने से हर एक रजिस्ट्री में पैन (PAN) और आधार कार्ड का विवरण देना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। मुख्य सचिव स्तर की बैठक में तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार, अब जैसे ही आपकी रजिस्ट्री होगी, डीड (Deed) की कॉपी ऑनलाइन सीधे संबंधित विभागों के पोर्टल पर पहुंच जाएगी। इससे अब नाम ट्रांसफर (दाखिल-खारिज) के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही, अब मालिकाना हक के वेरिफिकेशन के बाद ही रजिस्ट्री होगी, जिससे विवादित सौदों पर रोक लगेगी।
सुरक्षा के लिए केवल आखिरी 4 अंक होंगे दर्ज, मैप प्रोजेक्ट से मिलेगी यूनिक प्रॉपर्टी ID
3 / 5धोखाधड़ी और आधार नंबर के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री के रिकॉर्ड में आधार कार्ड के केवल आखिरी चार अंक ही दर्ज किए जाएंगे। फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए अब मैप प्रोजेक्ट के तहत हर एक जमीन के टुकड़े (प्लॉट) को एक यूनिक प्रॉपर्टी आईडी (Unique Property ID) के साथ लिंक किया जा रहा है। इससे एक ही जमीन को दो बार बेचना असंभव हो जाएगा।
बिना PAN की गई ₹55,000 करोड़ की रजिस्ट्रियां पकड़ी गईं, कुर्क संपत्तियां भी बेचीं!
4 / 5इस साल की शुरुआत में आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में ₹30 लाख से ऊपर की कीमती जमीनों की रजिस्ट्रियों में भारी गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच में सामने आया कि बिना पैन कार्ड विवरण के करीब ₹55,000 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टीज रजिस्टर कर दी गईं। सबसे ज्यादा अनियमितताएं आगरा और कानपुर मंडल में मिलीं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन संपत्तियों को इनकम टैक्स, ईडी (ED) या सीबीआई (CBI) ने कुर्क (Attach) किया था, उन्हें भी अधिकारियों ने पैन की जगह अधूरे फॉर्म 16 का इस्तेमाल कर अवैध रूप से रजिस्टर कर दिया था।
बिना बयान और गवाही के नहीं होगी रजिस्ट्री; वकीलों को करना होगा ऑनलाइन वेरिफिकेशन
5 / 5मोहनलालगंज रजिस्ट्री ऑफिस का उदाहरण देते हुए सब-रजिस्ट्रार ने साफ किया है कि अब बिना हस्ताक्षर या बिना बयान के कोई भी रजिस्ट्री नहीं होगी। जमीन बेचने और खरीदने वाले के साथ-साथ गवाहों (Witnesses) के भी पहले बयान दर्ज होंगे, उसके बाद ही पेपर साइन किए जाएंगे। रजिस्ट्री ऑफिस में लगने वाले समय को कम करने के लिए वकीलों को ऑनलाइन ही आधार वेरिफिकेशन करने का नोटिस जारी किया गया है, ताकि दफ्तर में आकर लंबी लाइनों से बचा जा सके।