Petrol Diesel Price today: सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और कई महीनों के उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की आशंका बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के असल में खत्म हो जाने के बाद पिछले हफ्ते आई तेजी जारी रही, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं.
अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर भारत पर भी

2 / 6
इस बीच, भारत, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85% से ज्यादा हिस्सा आयात पर निर्भर होकर पूरा करता है. लिहाजा अंतरराष्ट्रीय हालातों और आपूर्ति की समस्याओं को देखते हुए यहां भी पिछले कुछ महीनों में कई बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. आज सोमवार को सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल डीजल की नई रेट लिस्ट जारी कर दी है.
20 जुलाई को पेट्रोल की कीमतें

3 / 6
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत: 102.12/लीटर
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत: 113.51/लीटर
मुंबई में पेट्रोल की कीमत: 111.21/लीटर
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत: 108.01/लीटर
हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत: 115.73/लीटर
बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत: 110.89/लीटर
20 जुलाई को डीजल की कीमतें

4 / 6
दिल्ली में डीजल की कीमत: 95.20/लीटर
कोलकाता में डीजल की कीमत: 99.82/लीटर
मुंबई में डीजल की कीमत: 97.83/लीटर
चेन्नई में डीजल की कीमत: 99.66/लीटर
हैदराबाद में डीजल की कीमत: 103.82/लीटर
बेंगलुरु में डीजल की कीमत: 98.80/लीटर
कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें

5 / 6
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.78% बढ़कर 90.54 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.34% बढ़कर 83.69 डॉलर प्रति बैरल हो गया. यह बढ़ोतरी तब हुई जब कुवैत ने बताया कि ईरान के हमले से बिजली और पानी को खारापन-मुक्त करने वाली एक सुविधा (डिसैलिनेशन प्लांट) प्रभावित हुई है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

6 / 6
भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर सबसे ज्यादा असर ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों का होता है, लेकिन ये एकमात्र कारण नहीं हैं. देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग मार्जिन, ढुलाई और डिस्ट्रीब्यूशन की लागत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल से भी प्रभावित होती हैं.