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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधाओं के बीच भारत में रसोई गैस की कीमतों को लेकर बड़ी खबर है। जहां घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च के बाद से स्थिर बने हुए हैं, वहीं कमर्शियल गैस की मार कारोबारियों पर दोहरी पड़ी है।
गैस सिलेंडर के ताजा रेट्स जारी

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आज 17 अप्रैल 2026 को देश के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें जारी कर दी गई हैं। ईरान संकट के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि मार्च के बाद से कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): मार्च की ₹60 की बढ़त के बाद राहत

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आम जनता के लिए राहत भरी खबर है कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं। मार्च में कीमतों में ₹60 का इजाफा किया गया था, जिसके बाद से दिल्ली में सिलेंडर ₹913 और मुंबई में ₹912.50 पर टिका हुआ है। सरकार ने पैनिक बुकिंग और जमाखोरी न करने की सलाह दी है।
कमर्शियल सिलेंडर (19 kg): दोहरी मार, 1 अप्रैल से ₹200 का झटका

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रेस्टोरेंट और ढाबा चलाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कमर्शियल गैस की कीमतों में पिछले दो महीनों में दो बार बड़ी वृद्धि हुई है। मार्च में ₹144 की बढ़ोतरी के बाद, 1 अप्रैल को फिर से ₹200 का भारी इजाफा किया गया। दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 का हो गया है।
आज घरेलू और कर्शियल गैस की कीमत क्या है

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नई दिल्ली ₹913.00 | ₹2,078.50
कोलकाता ₹939.00 | ₹2,208.50
मुंबई ₹912.50 | ₹2,031.00
चेन्नई ₹928.50 | ₹2,246.50
गुड़गांव ₹921.50 | ₹2,096.50
नोएडा ₹910.50 | ₹2,078.50
बेंगलुरु ₹915.50 | ₹2,161.00
भुवनेश्वर ₹939.00 | ₹2,245.00
चंडीगढ़ ₹922.50 | ₹2,099.50
हैदराबाद ₹965.00 | ₹2,320.50
जयपुर ₹916.50 | ₹2,106.00
लखनऊ ₹950.50 | ₹2,201.00
पटना ₹1,002.50 | ₹2,353.50
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

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भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है, जिसका 90% हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते आता है। अमेरिका की घेराबंदी और ईरान युद्ध के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही कम हो गई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें 50% तक बढ़ चुकी हैं।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम? तेल कंपनियों की नजर

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IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि सरकार ने सप्लाई स्थिर रहने का दावा किया है, लेकिन अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो अगले महीने की समीक्षा में कीमतों पर दबाव देखा जा सकता है।