New Labour Code: बढ़ जाएगी आपकी ग्रैच्युटी, पर देना पड़ सकता है ज्यादा टैक्स; जानें नए नियम
Gratuity Alert: नया लेबर कोर्ड आने के बाद ग्रैच्युटी की राशि बढ़नी तय है, पर क्या आप टैक्स के लिए तैयार हैं? नवंबर 2025 से नियम बदल रहे हैं। पूरी जानकारी के लिए देखें यह गैलरी देखें

नया लेबर कोड
2 / 6सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के लागू होने के बाद प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ग्रैच्युटी की गणना बदल जाएगी। नए 'वेतन' (Wages) की परिभाषा के कारण रिटायरमेंट पर मिलने वाला पैसा तो बढ़ेगा, लेकिन टैक्स नियमों में बदलाव न होने से आपकी इन-हैंड राशि प्रभावित हो सकती है।
क्या है नया 50% नियम? कैसे बढ़ेगी ग्रैच्युटी की राशि?
3 / 6नए लेबर कोड के अनुसार, आपके कुल वेतन में भत्ते (Allowances) 50% से अधिक नहीं हो सकते। यदि भत्ते 50% से ज्यादा हैं, तो अतिरिक्त राशि को आपकी बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। चूंकि ग्रैच्युटी की गणना बेसिक पे पर होती है, इसलिए बेस बढ़ने से आपकी कुल ग्रैच्युटी राशि भी बढ़ जाएगी।
ज्यादा ग्रैच्युटी पर क्यों लगेगा ज्यादा टैक्स?
4 / 6फिलहाल ग्रैच्युटी पर ₹20 लाख तक की छूट मिलती है, लेकिन इनकम टैक्स के नियम अभी भी पुरानी परिभाषा (Basic + DA) पर आधारित हैं। नया लेबर कोड ग्रैच्युटी तो बढ़ा देगा, लेकिन टैक्स छूट की सीमा का दायरा नहीं बढ़ा, तो बढ़ी हुई ग्रैच्युटी का एक बड़ा हिस्सा 'टैक्सेबल' हो जाएगा।
इन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर: IT और फाइनेंस प्रोफेशनल रहें तैयार
5 / 6जिन कंपनियों में बेसिक सैलरी कम और भत्ते (HRA, स्पेशल अलाउंस) ज्यादा होते हैं, वहां के कर्मचारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा। आईटी, बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों को लंबी अवधि में बड़ा फायदा होगा, लेकिन उन्हें अपनी टैक्स प्लानिंग नए सिरे से करनी होगी।
क्या सरकार देगी राहत? विशेषज्ञों की राय
6 / 6पूर्व आयकर कमिश्नर ओ.पी. यादव के अनुसार, लेबर लॉ और टैक्स लॉ के बीच इस तालमेल की कमी से कर्मचारियों पर बोझ बढ़ेगा। उम्मीद है कि सरकार लेबर कोड लागू होने से पहले इनकम टैक्स नियमों में भी संशोधन करेगी, ताकि बढ़ी हुई ग्रैच्युटी का पूरा लाभ कर्मचारियों को मिल सके।
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