आजकल डिजिटल दौर में बैंक अकाउंट खोलना जितना आसान है, उसे बंद करना उतना ही सावधानी का काम है। कई बार लोग अनजाने में छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें बाद में भारी वित्तीय चपत लग जाती है। अगर आप भी अपना कोई पुराना या एक्स्ट्रा बैंक अकाउंट बंद कराने की सोच रहे हैं, तो इन 3 बातों को कभी न भूलें।
दूसरी बात - ऑटो-डेबिट और ईएमआई

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अगर आपका यह बैंक खाता आपके किसी लोन की ईएमआई (EMI), म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP), बिजली बिल या ओटीटी सब्सक्रिप्शन के ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) से लिंक है, तो उसे तुरंत हटा लें। खाता बंद होने के बाद यदि वहां से कोई पेमेंट बाउंस होती है, तो आपको भारी पेनाल्टी और चार्जेस भुगतने पड़ सकते हैं।
तीसरी बात - लिखित रसीद या ईमेल कन्फर्मेशन

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सिर्फ बैंक जाकर फॉर्म भर देना ही काफी नहीं है। भविष्य में किसी भी विवाद या अनचाहे चार्जेस से बचने के लिए बैंक से हमेशा लिखित रसीद (Acknowledgement Slip) या ईमेल पर आधिकारिक कन्फर्मेशन जरूर मांगें। यह इस बात का पक्का सबूत होता है कि आपका खाता पूरी तरह और सुरक्षित रूप से बंद हो चुका है।
डिजिटल सुरक्षा भी है अहम

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खाता बंद होने के बाद उससे जुड़े नेट बैंकिंग पोर्टल, मोबाइल बैंकिंग ऐप और यूपीआई (UPI) ऐप्स (जैसे गूगल पे, फोनपे) को भी डीलिंक या लॉगआउट करना न भूलें। पुरानी ऐप लॉगिन डिटेल्स या ओटीटी एक्सेस के जरिए आपकी बैंकिंग हिस्ट्री और डेटा सुरक्षित रहे, इसके लिए डिजिटल सेफ्टी के इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।