ITR Filing New Rule: ITR फाइल करते समय यह गलती न करें, वरना हो सकती है 7 साल तक की जेल
ITR Alert: अपना ITR फाइल कर रहे हैं? तो ये खबर जरूर पढ़ लें। छोटी सी लापरवाही या गलत जानकारी आपको 7 साल के लिए जेल पहुंचा सकती है। टैक्स विभाग अब पहले से ज्यादा सख्त हो गया है। जानिये आपको किन गलतियों से बचने की जरूरत है? पूरी जानकारी यहां देखें।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का समय नजदीक आ रहा है। कई बार अनजाने में या टैक्स बचाने के चक्कर में की गई छोटी सी गलती आपको भारी मुसीबत में डाल सकती है। आयकर विभाग अब AI और डेटा एनालिटिक्स की मदद से टैक्स चोरी पकड़ने में काफी सख्त हो गया है।
रिटर्न भरते समय न करें ये गलतियां
2 / 7क्या आप अपना ITR फाइल करने जा रहे हैं? सतर्क रहें! टैक्स चोरी या गलत जानकारी देना अब केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकता है। आयकर कानून के तहत गंभीर मामलों में 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। जानें किन गलतियों से बचना जरूरी है।
आमदनी छिपाना : सबसे बड़ा अपराध
3 / 7अगर आप अपनी आय के स्रोतों, जैसे कि रेंटल इनकम, फ्रीलांसिंग से कमाई या विदेशी संपत्ति को छिपाते हैं, तो यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी माना जाता है। अब विभाग के पास आपके बैंक ट्रांजेक्शन का पूरा डेटा होता है, जिससे जानकारी छिपाना नामुमकिन है।
फर्जी डिडक्शन : टैक्स बचाने का गलत रास्ता
4 / 7कई लोग फर्जी रेंट रसीद या बिना किसी निवेश के धारा 80C के तहत झूठे डिडक्शन क्लेम करते हैं। आयकर विभाग अब इन क्लेम्स की क्रॉस-चेकिंग कर रहा है। यदि आपके पास सबूत (Proof) नहीं हैं, तो आप पर भारी पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
AIS और TIS का मिलान न करना: पकड़ी जाएगी चोरी
5 / 7रिटर्न भरने से पहले अपने Annual Information Statement (AIS) और Tax Information Summary (TIS) को जरूर चेक करें। अगर आपके रिटर्न की जानकारी AIS से मेल नहीं खाती, तो आपको तुरंत नोटिस मिल सकता है। इसमें आपके शेयर बाजार के निवेश, डिविडेंड और ब्याज की पूरी जानकारी होती है।
देरी से फाइलिंग और गलत बैंक डिटेल: ये भी हैं जोखिम
6 / 7आखिरी तारीख का इंतजार न करें। देरी से फाइलिंग पर ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही, गलत बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड देने से आपका रिफंड अटक सकता है। सुनिश्चित करें कि आपका बैंक अकाउंट वैलिडेट है।
सजा का प्रावधान: कब होती है जेल?
7 / 7आयकर अधिनियम की धारा 276C के तहत, यदि टैक्स चोरी ₹25 लाख से अधिक है, तो 6 महीने से 7 साल तक की सश्रम जेल हो सकती है। कम राशि के मामलों में भी जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हमेशा ईमानदारी से और एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही रिटर्न भरें।