Millionaire Migration: इस साल देश छोड़ेंगे रिकॉर्ड 1.65 लाख करोड़पति! लंदन-पेरिस नहीं, ये 2 देश हैं रईसों की पहली पसंद
Henley Wealth Migration Report 2026: दुनिया के 1.65 लाख अमीर इस साल अपना वतन छोड़ रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में अमीर कहां जा रहे हैं। आइये उन टॉप 5 देशों के बारे में जानते हैं, जो रईसों की पहली पसंद है।

दुनियाभर के अमीर और करोड़पति (Millionaires) इस साल एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, लेकिन कोई रिकॉर्ड बिजनेस का नहीं बल्कि अपना देश छोड़ने का है। 'हेनली प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2026' के ताजा और हैरान करने वाले आंकड़े बताते हैं कि इस साल दुनिया के करीब 1.65 लाख रईस अपना वतन छोड़कर दूसरे देशों में बसने वाले हैं। खास बात यह है कि अब अमीरों की पसंद लंदन, पेरिस या न्यूयॉर्क जैसे पारंपरिक ठिकाने नहीं रहे, बल्कि बाजी कोई और ही मार ले गया है। आइए, जानते हैं कि आखिर ये करोड़पति अपना देश क्यों छोड़ रहे हैं और उनकी नई पसंदीदा जगहें कौन सी हैं।
इस साल टूटेगा रिकॉर्ड, 1.65 लाख रईस पैक कर रहे हैं अपना बोरिया-बिस्तर
2 / 6दुनियाभर में अमीर लोगों का एक देश से दूसरे देश में पलायन इस साल अपने ऐतिहासिक चरम पर पहुंचने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में रिकॉर्ड 1,65,000 करोड़पति अपने मूल देश को अलविदा कह देंगे। यह संख्या पिछले साल (2025) के 1,50,000 और साल 2013 के मुकाबले लगभग दोगुनी से भी ज्यादा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), बदलती टैक्स नीतियां, आर्थिक अनिश्चितता और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य व सुरक्षा की तलाश में अमीर लोग तेजी से माइग्रेट हो रहे हैं। यह भी पढ़ें : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दुकान खोलने का क्या है प्रोसेस? आम व्यापारियों के लिए बिजनेस शुरू करने का ये है सही रास्ता
लंदन-पेरिस का दौर हुआ पुराना, नंबर-1 पर चमका चमचमाता यूएई (UAE)
3 / 6एक समय था जब दुनिया के अमीरों का सपना लंदन या यूरोप के बड़े शहरों में बसना होता था, लेकिन 2026 का ट्रेंड पूरी तरह बदल चुका है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE (विशेषकर दुबई) लगातार दुनिया के सबसे अमीर प्रवासियों के लिए नंबर-1 पसंद बना हुआ है। यूएई का गोल्डन वीजा प्रोग्राम, जीरो इनकम टैक्स (0% Income Tax), शानदार लग्जरी लाइफस्टाइल और दुनिया के नक्शे पर एक सुरक्षित बिजनेस हब होना इसे करोड़पतियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनाता है।
सिंगापुर बना एशिया का पावरहाउस, रईसों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद
4 / 6यूएई के बाद जिस देश में बसने के लिए करोड़पतियों के बीच सबसे ज्यादा होड़ मची है, वह है एशिया का खूबसूरत देश सिंगापुर। अपनी बेहतरीन और स्थिर अर्थव्यवस्था, बेहद मजबूत कानूनी व्यवस्था और आधुनिक बैंकिंग सिस्टम के कारण सिंगापुर अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर है। चीन, भारत और अन्य एशियाई देशों के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) के लिए सिंगापुर अपनी भौगोलिक स्थिति और व्यापारिक सहूलियतों के कारण पहली प्राथमिकता बन चुका है।
आखिर इन रईसों को कौन से देश सबसे ज्यादा आ रहे हैं रास? देखें टॉप-5 की लिस्ट
5 / 6रिपोर्ट में उन देशों की साफ सूची सामने आई है जो दुनिया के अमीरों को सबसे ज्यादा आकर्षित (Net Inflows) कर रहे हैं। रईसों को लुभाने के मामले में यूएई पहले स्थान पर और सिंगापुर दूसरे स्थान पर काबिज है। इनके अलावा पश्चिमी देशों में यूएसए (अमेरिका), ऑस्ट्रेलिया और यूरोप का खूबसूरत देश स्विट्जरलैंड भी टॉप-5 देशों में शामिल हैं, जहां इस साल सबसे ज्यादा अमीर जाकर बसने वाले हैं।
जिन देशों से बाहर जा रहे हैं अमीर, वहां क्यों बज रही है खतरे की घंटी?
6 / 6करोड़पतियों का किसी देश में आना अगर अच्छी बात है, तो किसी देश से भारी संख्या में रईसों का जाना वहां की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जाता है। जब कोई करोड़पति देश छोड़ता है, तो वह केवल अकेला नहीं जाता, बल्कि अपने साथ भारी-भरकम पूंजी (Capital), निवेश, टैक्स रेवेन्यू और रोजगार पैदा करने की क्षमता भी साथ ले जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन देशों से रईस बाहर जा रहे हैं, वहां की सरकारों को अपनी टैक्स प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और बिजनेस फ्रेंडली माहौल पर दोबारा विचार करना होगा, ताकि इस 'वेल्थ ड्रेन' को रोका जा सके।



















