नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दुकान खोलने का क्या है प्रोसेस? आम व्यापारियों के लिए बिजनेस शुरू करने का ये है सही रास्ता

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होने की उल्टी गिनती के साथ ही अब देश भर के व्यापारियों और उद्यमियों की नजरें यहां मिलने वाले बिजनेस के मौकों पर टिक गई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि एशिया के इस बेहद आधुनिक एयरपोर्ट के भीतर दुकान, रेस्टोरेंट, कैफे या कोई अन्य कमर्शियल स्पेस कैसे मिल सकती है।

NOIDA AIRPORT.jpg

यदि आप जेवर एयरपोर्ट के बिजनेस इकोसिस्टम का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो किसी भी बिचौलिए के झांसे में आने की बजाय नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट के 'Tender' या 'Business with Us' सेक्शन को नियमित रूप से चेक करते रहें।

विज्ञापन

अगर आप भी नोएडा एयरपोर्ट पर अपना आउटलेट खोलने का सपना देख रहे हैं, तो आपको यह समझना होगा कि एयरपोर्ट के अंदर बिजनेस शुरू करने का तरीका किसी आम मॉल या मार्केट जैसा बिल्कुल नहीं होता। यहां जगह सीधे किराए पर नहीं मिलती, बल्कि एक खास ग्लोबल टेंडर और कन्सेशन मॉडल के जरिए अलॉट की जाती है।

क्या कोई भी व्यापारी सीधे ले सकता है दुकान?

इसका सीधा जवाब है- नहीं। नोएडा एयरपोर्ट प्रशासन ने कमर्शियल स्पेस के मैनेजमेंट को बेहद व्यवस्थित रखने के लिए इसे बड़े ऑपरेटर्स को सौंप दिया है:

Advertisment

रिटेल और ड्यूटी-फ्री का जिम्मा: एयरपोर्ट के भीतर रिटेल स्टोर्स और ड्यूटी-फ्री शॉप्स का संचालन करने के लिए दो बड़ी कंपनियों—इंटरनेशनल फर्म Heinemann Asia Pacific और भारतीय कंपनी BWC Forwarders को चुना गया है।

पार्टनरशिप मॉडल: इसी तरह फूड कोर्ट, लाउंज और अन्य यात्री सुविधाओं के लिए भी एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने नामचीन ग्लोबल और नेशनल ब्रांड्स के साथ सीधा करार किया है। यानी कोई भी व्यक्ति सीधे जाकर वहां दुकान अलॉट नहीं करवा सकता।

विज्ञापन

फिर छोटे और आम कारोबारियों के लिए क्या है रास्ता?
भले ही मुख्य रिटेल स्पेस बड़े ऑपरेटर्स के पास हो, लेकिन आम और मध्यम वर्ग के कारोबारियों के लिए रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हैं। आपके लिए ये दो रास्ते सबसे अहम हैं:

  1. ऑफिशियल टेंडर वेबसाइट पर रखें नजर
    नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर विभिन्न कमर्शियल सुविधाओं, होटल मैनेजमेंट, ग्राउंड हैंडलिंग, मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सर्विसेज के लिए ओपन टेंडर (Open Tenders) जारी करती रहती है। व्यापारियों को इन टेंडर्स के नियमों और पात्रता (Eligibility) को पूरा करते हुए ऑनलाइन बोली लगानी होगी।
  2. सब-कन्सेशन (Sub-Cession) या फ्रेंचाइजी मॉडल
    चूंकि मुख्य रिटेल और फूड कोर्ट का जिम्मा जिन बड़ी कंपनियों (जैसे Heinemann या BWC) के पास है, वे अक्सर एयरपोर्ट के भीतर अलग-अलग ब्रांड्स को सब-लाइसेन्स या फ्रेंचाइजी मॉडल पर स्पेस देती हैं। ऐसे में कारोबारी इन मुख्य वेंडर्स से संपर्क कर उनके साथ पार्टनरशिप के जरिए अपना आउटलेट शुरू कर सकते हैं।

कैसा होगा रिटेल का नजारा और सुरक्षा सिस्टम?
नोएडा एयरपोर्ट की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट के टर्मिनल को इस तरह डिजाइन किया गया है जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय ट्रैवल एक्सेसरीज, फैशन बुटीक, लोकल हैंडीक्राफ्ट, स्नैक्स और गिफ्ट शॉप्स की एक लंबी कतार देखने को मिलेगी।

विज्ञापन

चूंकि एयरपोर्ट एक बेहद सुरक्षित और संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए यहां लगने वाले सभी रिटेल काउंटरों और दुकानों को एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल सेल्स एंड सिक्योरिटी सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जो हर एक बिक्री और स्टॉक पर रीयल-टाइम नजर रखेगा।

अगर आप जेवर एयरपोर्ट के बिजनेस इकोसिस्टम का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो किसी भी बिचौलिए के झांसे में आने की बजाय नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट के Tender या Business with Us सेक्शन को नियमित रूप से चेक करते रहें।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ