Aadhaar App New Rule: आधार ऐप को लेकर आया सरकार का नया फैसला; जानें जरूरी अपडेट
Aadhaar App Update: केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप प्री-लोड करने का फैसला बदला है। एप्पल और सैमसंग की सुरक्षा चिंताओं का सरकार ने उपाय निकाला है। अब नए फोन में प्री-इंस्टॉल्ड आधार ऐप नहीं मिलेगा। क्या आप इस फैसले से खुश हैं? पूरी जानकारी यहां देखें

आधार (Aadhaar) को लेकर स्मार्टफोन यूजर्स और मोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और UIDAI ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को प्री-इंस्टॉल (Pre-install) करने की अपनी योजना को फिलहाल टाल दिया है। इस फैसले से एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने राहत की सांस ली है।
सरकार ने बदला आधार ऐप से जुड़ा यह नियम
2 / 7भारत सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से लोड (Pre-load) करके बेचने की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इसका मतलब है कि अब नया फोन खरीदने पर आपको उसमें आधार ऐप पहले से मौजूद नहीं मिलेगा। इस फैसले ने टेक दिग्गजों को बड़ी राहत दी है।
क्या थी सरकार की योजना? क्यों चाहती थी प्री-इंस्टॉलेशन?
3 / 7सरकार और UIDAI का विचार था कि अगर फोन में आधार ऐप पहले से होगा, तो यूजर्स को बैंकिंग, सिम कार्ड वेरिफिकेशन और एयरपोर्ट एंट्री जैसी सेवाओं के लिए अपनी पहचान साबित करना आसान हो जाएगा। भारत में लगभग 1.34 अरब लोगों के पास यह विशिष्ट पहचान पत्र मौजूद है।
टेक कंपनियों ने क्यों किया विरोध? सुरक्षा और लागत का दिया हवाला
4 / 7एप्पल, गूगल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। कंपनियों का तर्क था कि सरकारी ऐप को प्री-इंस्टॉल करने से डिवाइस की सुरक्षा (Security) और प्राइवेसी के साथ समझौता हो सकता है। साथ ही, केवल भारत के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग लाइन बनाने से फोन की कीमतें भी बढ़ सकती थीं।
IT मंत्रालय का बड़ा फैसला: हर ऐप को प्री-लोड करना जरूरी नहीं
5 / 7सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने UIDAI के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि स्मार्टफोन में केवल वही सरकारी ऐप प्री-लोड होने चाहिए जो बेहद अनिवार्य हों। फिलहाल, आधार ऐप को इस अनिवार्य श्रेणी से बाहर रखा गया है।
दो साल में छठी बार टला फैसला: इंडस्ट्री के दबाव में पीछे हटी सरकार
6 / 7पिछले दो साल में यह छठा मौका है जब सरकार ने किसी सरकारी ऐप को अनिवार्य रूप से फोन में डालने की कोशिश की, लेकिन हर बार इंडस्ट्री के विरोध और तकनीकी दिक्कतों के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा। कंपनियों के तकनीकी तर्कों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अंततः इसे टाल दिया है।
अब क्या करें यूजर्स? खुद करना होगा ऐप डाउनलोड
7 / 7सरकार के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट है कि यदि आप डिजिटल आधार सेवाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से खुद आधार ऐप डाउनलोड करना होगा। प्राइवेसी और डिवाइस की स्पीड को बनाए रखने के लिहाज से यह फैसला यूजर्स के लिए भी बेहतर माना जा रहा है।



















