अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में मचे हाहाकार और चौतरफा बिकवाली के दबाव के चलते आज भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी महंगाई (US CPI Inflation) के आंकड़े जारी होने से ठीक पहले ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोना (Spot Gold) $4,200 प्रति औंस के नीचे आ गया है। वैश्विक बाजार के इसी कमजोर रुख ने घरेलू बाजार में भी सोने को ₹1.49 लाख के स्तर के नीचे धकेल दिया है, जबकि चांदी भी करीब 2% तक टूट चुकी है। आइए, देखते हैं कि आज सर्राफा बाजार में कितनी बड़ी गिरावट आई है और इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं।
सोने में ₹2,700 की ऐतिहासिक गिरावट, ₹1.49 लाख के नीचे पहुंचा भाव

2 / 5
वैश्विक बाजारों में आई कमजोरी के कारण आज भारतीय बाजार में सोने की कीमतें धड़ाम हो गईं। शुरुआती कारोबार में ही एमसीएक्स (MCX) पर सोना ₹1,49,888 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो (न्यूनतम स्तर) को छू गया। खबर लिखे जाने तक, MCX पर सोना ₹149,734.00 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो कि पिछले बंद भाव से ₹2,709.00 या 1.78% की भारी गिरावट को दर्शाता है।
अमेरिकी महंगाई का डर: 3 साल के उच्चतम स्तर 4.2% पर पहुंचने का अनुमान

4 / 5
आज बुधवार को ही अमेरिका के बहुप्रतीक्षित सीपीआई (CPI) महंगाई दर के आंकड़े जारी होने वाले हैं। बाजार का अनुमान है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण मई में अमेरिका की मुद्रास्फीति दर बढ़कर 4.2% हो सकती है, जो पिछले 3 सालों का सबसे उच्च स्तर होगा। अमेरिकी रोजगार के मजबूत आंकड़ों और बढ़ती महंगाई के चलते फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा इस साल के अंत से पहले ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। ब्याज दरों के बढ़ने की आशंका ने सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) पर दबाव बढ़ा दिया है।
मजबूत होता डॉलर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट; कमोडिटी बाजार लाल निशान में

5 / 5
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में नए सिरे से बढ़े तनाव के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 100 के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जिससे अन्य करेंसी और सोने पर दबाव बढ़ा है। कूटनीतिक अनिश्चितता और 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' के लगभग पूरी तरह बंद होने के बावजूद आज कच्चे तेल में मामूली नरमी है। ब्रेंट क्रूड $92 प्रति बैरल के ऊपर और यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड फ्यूचर्स $89 प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। अधिकांश वैश्विक कमोडिटी आज लाल निशान (Red Zone) में कारोबार कर रही हैं।