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ईरान के विदेश मंत्री ने जैसे ही 49 दिन बाद कमर्शियल जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को घोषणा की तो ऊर्जा बाजार से बड़ी खबर सामने आई. तेल-गैस की कीमतों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली हैं. गैस की कीमतों में 8.5 फीसदी और तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट देखने को मिली है.
90.93 डॉलर पर सिमट गया क्रूड ऑयल

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिल्हाल सीजफायर की शेष अवधि के लिए खोला गया है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के ऐलान करते ही तुरंत क्रूड ऑयल की कीमतें 8.46 डॉलर यानी 8.5 फीसदी सस्ता होकर प्रति बैरल 90.93 डॉलर पर सिमट गया.
गैस करीब 8.5 फीसदी सस्ती

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यूरोप के बेंचमार्क गैस कॉन्ट्रैक्ट में गैस करीब 8.5 फीसदी सस्ती हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मैसेज से दुनिया में पॉजिटिव संदेश गया, उन्होंने ईरान के साथ जंग जल्द खत्म होने के संकेत दिए थे. इसी वजह से तेल और गैस की कीमतों में गिरावट देखने को मिली.
होर्मुज खुलने से भारत पर क्या असर

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होर्मुज स्ट्रेट का खुलना भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि देश का 40 से 50 फीसदी तेल उन देशों से आता है, जो होर्मुज स्ट्रेट से होते हुए ही तेल भारत भेजते हैं. होर्मुज स्ट्रेट बाधित होने की वजह से भारत में कच्चे तेल के आयात में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही थी.
भारत में एलपीजी किल्लत होगी दूर

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होर्मुज स्ट्रेट खुलने से अब भारत में एलपीजी किल्लत भी दूर होगी. एलपीजी आयात 90% से घटकर 40 प्रतिशत रह गया था. इसी वजह से भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिली थी, अब तक महंगा क्रूड ऑयल लेने के बाद भी पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम नहीं बढ़े थे, अब सरकारी कंपनियों का घाटा पूरा होगा.