अगर आप अपने सारे बैंक अकाउंट बंद करने की सोच रहे हैं, तो सवाल उठता है कि क्या आपका क्रेडिट कार्ड चालू रहेगा? इसका जवाब आपको चौंका सकता है। आइए जानते हैं इसका पूरा गणित।
दोनों हैं बिल्कुल अलग फाइनेंशियल प्रोडक्ट

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आमतौर पर लोग क्रेडिट कार्ड और बैंक अकाउंट को एक ही मानते हैं, लेकिन ये अलग हैं। कई बड़े बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए उनके पास सेविंग्स या चेकिंग अकाउंट होना जरूरी नहीं होता।
बैंक को आपके खाते से नहीं, क्रेडिट स्कोर से है मतलब!

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जब आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो कंपनी आपके बैंक बैलेंस को नहीं, बल्कि आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर और चुकाने की क्षमता (Payment History) को देखती है।
बिना बैंक अकाउंट बिल चुकाना होगा मुश्किल

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बिना बैंक खाते के भी क्रेडिट कार्ड तो मिल जाएगा, लेकिन हर महीने उसका बिल भरना सिरदर्द बन सकता है। ऐसे में आपको मनी ऑर्डर, क्रेडिट यूनियन या डाक द्वारा चेक भेजकर भुगतान करना होगा, जिसमें देरी का जोखिम रहता है।
प्रीपेड कार्ड नहीं है इसका विकल्प

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कई लोग सोचते हैं कि प्रीपेड कार्ड इसका विकल्प हैं, लेकिन प्रीपेड कार्ड में आप अपना ही पैसा लोड करके खर्च करते हैं। इससे क्रेडिट कार्ड की तरह क्रेडिट स्कोर (Credit Score) नहीं सुधरता।
पूरी तरह कैश-ओनली होने से बेहतर है यह विकल्प

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आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग या सब्सक्रिप्शन के लिए कोई न कोई अकाउंट जरूरी है। अगर आप बड़े कमर्शियल बैंकों से परेशान हैं, तो 'क्रेडिट यूनियन' एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, जहां कम फीस और बेहतर सर्विस मिलती है।