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बैंकों का नियम हैं कि अगर किसी बैंक अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती है तो उसके परिजन उसके खाते में जमा पैसे डेथ सर्टिफिकेट जमा कराकर निकाल सकते हैं। फ्रॉड से बचने के लिए बैंकों ने यह नियम बनाया है। हालांकि बैंक खाते का नॉमिनी पैसा निकालना चाहे तो प्रोसेस आसान होता है, लेकिन नॉमिनी न होने पर डेथ सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज देने पड़ते हैं, नहीं तो पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
नॉमिनी ऐसे निकाल पाएगा खाते से पैसे

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डेथ सर्टिफिकेट किसी भी शख्स की मौत का आधिकारिक प्रमाण होता है, जो नगर निगम या ग्राम पंचायत या स्वास्थ्य विभाग के द्वारा बनाया जाता है। खाता धारक ने अगर किसी को नॉमिनी बनाया हुआ तो वह 3 डॉक्यूमेंट डेथ सर्टिफिकेट, क्लेम फॉर्म और अपना पहचान पत्र (KYC) देकर बैंक खाते में जमा पैसे निकलवा सकता है। तब बैंक को लीगल हेयर या सक्सेशन सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। लीगल हेयर्स की ओर से ट्रस्टी की तरह नॉमिनी को पैसे मिलेंगे और बैंक को आवेदन के बाद 15 दिन के अंदर क्लेम को सेटल करना होता है।
नॉमिनी नहीं होने पर कैसे निकलेंगे पैसे?

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अगर खाता धारक ने किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है तो लीगल हेयर्स (वारिस) को डेथ सर्टिफिकेट के साथ-साथ रिलेशनशिप प्रूफ, लीगल हेयर सर्टिफिकेट या सक्सेशन सर्टिफिकेट भी बैंक को देना होगा। RBI के नियमों के अनुसार, बैंकों ने 15 लाख रुपये तक के छोटे क्लेम के लिए डॉक्यूमेंट से छूट दी है। तब इंडेम्निटी बॉन्ड, नो ऑब्जेक्शन लेटर और लीगल हेयर डिक्लेरेशन से ही काम चल जाएगा। 15 लाख से ज्यादा रकम हो तो कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। सभी डॉक्यूमेंट देने पर ही खाते से पैसा निकल पाएगा।
खाताधारक की मौत होने पर क्या करें?

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अगर किसी बैंक खाताधारक की मौत हो जाए तो सबसे पहले संबंधित बैंक की शाखा में जाकर इसकी सूचना दें। डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर उसकी कई कॉपी निकलवाएं। अगर जॉइंट बैंक अकाउंट है और Either or Survivor क्लॉज है तो जीवित व्यक्ति आसानी से डेथ सर्टिफिकेट देकर पैसे निकाल सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की स्थिति में मौत होने पर प्री-मैच्योर पेनल्टी नहीं लगती। वहीं मृतक का डेथ सर्टिफिकेट (ओरिजनल + कॉपी), क्लेम फॉर्म, नॉमिनी/वारिस का पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ, पासबुक या FD रसीद देनी होगी। जरूरत पड़े तो लीगल हेयर सर्टिफिकेट या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देना होगा।
बैंक खाता धारकों के लिए सलाह

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बता दें कि अगर आप चाहते हैं कि जो जितु मुंडा के साथ हुआ, वह आपके साथ न हो तो जीवित रहते हुए बैंक खाते, FD, लॉकर आदि में नॉमिनी जरूर बनाएं। इसके लिए नॉमिनेशन फॉर्म भरा जा सकता है। अशिक्षित या दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग स्थानीय बैंक अधिकारी या पंचायत से डेथ सर्टिफिकेट बनवाने में सहयोग लें। इससे आप धोखाधड़ी से बच जाएंगे और पैसा भी सही हाथों में पहुंच जाएगा।