देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है। वेतन, पेंशन और भत्तों में संशोधन को लेकर आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग स्तर पर मांगें उठ रही हैं, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। आइए, जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आएगी, कर्मचारियों को कब से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी और एरियर (Arrears) का क्या गणित रहने वाला है।
कब लागू होगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें? जानें संभावित समयसीमा

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नवंबर 2025 में 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) जारी होने के बाद 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार को इसे लागू करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है। इस लिहाज से वर्ष 2027 की दूसरी छमाही (Second Half of 2027) में नई सैलरी और भत्तों के लागू होने की पूरी संभावना है।
कब से मिलेगा एरियर (Arrears)?

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हालांकि वेतन आयोग ने आधिकारिक तौर पर एरियर की तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन पिछले वेतन आयोगों के पैटर्न को देखें तो नए नियम पिछले आयोग के समाप्त होने के अगले दिन से ही प्रभावी माने जाते हैं। क्योंकि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों को संशोधित वेतन और एरियर का लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलने की उम्मीद है। यानी जब भी नया वेतनमान लागू होगा, कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लेकर उस समय तक का पूरा एरियर (बकाया) मिलेगा।
न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग

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वेतन और पेंशन संशोधन के लिए विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के सुझाव दिए हैं। नेशनल काउंसिल-JCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग रखी है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने भी 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की वकालत की है। यदि सरकार इन मांगों को आंशिक रूप से भी मानती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्ड उछाल आएगा।
रेलवे कर्मचारियों के संगठन का अनोखा फॉर्मूला:

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इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने वेतन आयोग के सामने एक नया और अनोखा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अलग-अलग कर्मचारी स्तरों (Employee Levels) के लिए पांच अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। इस फॉर्मूले के तहत लेवल 2 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों के लिए 2.92 का गुणांक और शीर्ष स्तर के लेवल 17 से लेवल 18 के अधिकारियों के लिए 4.38 तक के मल्टीप्लायर का प्रस्ताव दिया गया है।
देशव्यापी बैठकों का दौर जारी:

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8वां वेतन आयोग लगातार देश के विभिन्न शहरों में जाकर सभी स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) से उनकी मांगें सुन रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केंद्रीय संस्थानों, यूनियनों और एसोसिएशनों को अपनी मांगें रखने के लिए आमंत्रित किया गया था। इससे पहले पुणे, देहरादून और नई दिल्ली में भी ऐसी बैठकें संपन्न हो चुकी हैं, जबकि जून 2026 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कर्मचारी संगठनों के साथ आयोग की महत्वपूर्ण चर्चा निर्धारित है।