8th Pay Commission: सिर्फ DA और फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, यह फैमिली फॉर्मूला भी बढ़ा सकता है आपकी सैलरी
8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों के लिए फैमिली यूनिट फॉर्मूला बदलने की मांग। जानें इससे सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर क्या असर पड़ेगा।

जब भी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की बात होती है, तो आमतौर पर चर्चा सिर्फ महंगाई भत्ते (DA) और फिटमेंट फैक्टर पर आकर सिमट जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक और ऐसा फॉर्मूला है, जो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बेसिक सैलरी को एक झटके में बदल सकता है? इसे कहते हैं, फैमिली यूनिट फॉर्मूला । कर्मचारियों की यूनियनें अब इस पुराने पड़ चुके फॉर्मूले को बदलने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह फॉर्मूला क्या है और इससे आपकी सैलरी कितनी बढ़ सकती है।
क्या है यह फैमिली यूनिट फॉर्मूला जो तय करता है आपकी सैलरी?
2 / 6वेतन आयोग के तहत फैमिली यूनिट का मतलब कर्मचारी और उस पर निर्भर परिवार (पति/पत्नी, बच्चे और माता-पिता) से है। इसी के आधार पर तय होता है कि एक सामान्य परिवार को न्यूनतम जीवन स्तर बनाए रखने के लिए कितने पैसों की जरूरत है। यह व्यवस्था मूल रूप से एकरॉयड फॉर्मूला (Akroyd Formula) पर काम करती है, जिसमें भोजन, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी चीजों के खर्च को मापा जाता है। वर्तमान व्यवस्था में एक परिवार को केवल 3 यूनिट (पति, पत्नी और बच्चे) माना जाता है, जिसे यूनियनें अब पुराना और अप्रासंगिक बता रही हैं। 8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, 4.38 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो 11 लाख होगी सैलरी
अब 3 नहीं... 5 यूनिट मानने की मांग! जानिए यूनियनों का नया प्रपोजल
3 / 6बढ़ती महंगाई, बच्चों की पढ़ाई और इलाज के भारी खर्च को देखते हुए कर्मचारी यूनियनों (विशेषकर NC-JCM) ने वेतन गणना के लिए परिवार को 5 यूनिट मानने का प्रस्ताव रखा है: कर्मचारी और पति/पत्नी: 1-1 यूनिट (कुल 2 यूनिट)। दो बच्चे: 0.8 यूनिट प्रति बच्चा (कुल 1.6 यूनिट)। माता-पिता (दोनों मिलाकर): 0.8 यूनिट। कुल जोड़: यह सब मिलाकर 5.2 यूनिट होता है, जिसे राउंड फिगर में 5 यूनिट माना गया है। महिला कर्मचारी इसमें अपने सास-ससुर को भी शामिल कर सकती हैं। UPI New Feature: अब दो फोन पर चलेगा एक UPI अकाउंट, जानें सेटअप का आसान तरीका
कानूनन भी जरूरी है बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल
4 / 6यूनियनों का तर्क है कि कर्मचारियों पर अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने की कानूनी जिम्मेदारी भी है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में भी बुजुर्ग माता-पिता को परिवार की परिभाषा में शामिल किया गया है। इसलिए वेतन आयोग को भी सैलरी का निर्धारण करते समय इस खर्च को जोड़ना चाहिए।
अगर बदल गया फॉर्मूला, तो सीधे ₹69,000 हो जाएगी मिनिमम बेसिक सैलरी!
5 / 6अगर 8वां वेतन आयोग इस 'फैमिली फॉर्मूला' को मान लेता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक उछाल आएगा। यूनियनों के मुताबिक, 5 यूनिट के परिवार के खर्च के हिसाब से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 प्रति महीने होनी चाहिए। इसके लागू होने से फिटमेंट फैक्टर 3.833 हो जाएगा। इसका सीधा असर न सिर्फ बेसिक सैलरी बल्कि आपके सभी भत्तों (Allowances) और पेंशन पर भी पड़ेगा।
देश के 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा सीधा असर
6 / 68वें वेतन आयोग के इस फैसले का सीधा असर देश के 1.10 करोड़ (11 मिलियन) से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा। भारत में अब तक 7 वेतन आयोग आ चुके हैं और आमतौर पर हर 10 साल में नया आयोग बनता है। मौजूदा 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर, 2025 को किया गया था। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग 'फैमिली यूनिट' के इस नए फॉर्मूले पर क्या फैसला सुनाता है।



















