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पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी की शिकायतें भी लगातार सामने आती रहती हैं. कई लोगों को शक रहता है कि उन्हें पूरे पैसे देने के बाद भी कम तेल मिलता है. ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी माना जाता है.
मशीन में चिप लगाकर की जाती है गड़बड़ी

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रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ मामलों में पेट्रोल पंप की मशीन में खास चिप लगाई जाती है. यह चिप रिमोट से कंट्रोल होती है. मीटर पर रीडिंग सही दिखाई देती है, लेकिन गाड़ी में कम पेट्रोल या डीजल जाता है. इस तरह की गड़बड़ी में ग्राहक को लगता है कि मशीन सही चल रही है, जबकि असल में तेल की मात्रा कम होती है. यानी पैसे पूरे देने पड़ते हैं, लेकिन बदले में पूरा फ्यूल नहीं मिलता.
क्या होता है ‘जीरो स्कैम’?

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पेट्रोल पंप पर होने वाले सबसे आम फ्रॉड में से एक “जीरो स्कैम” माना जाता है. इसमें कर्मचारी मशीन को जीरो किए बिना ही तेल भरना शुरू कर देते हैं. अगर मशीन पहले से जीरो पर नहीं होती, तो पिछली रीडिंग भी आपके बिल में शामिल हो सकती है. इससे ग्राहक ज्यादा पैसे चुका देता है, जबकि वाहन में उतना तेल नहीं डाला जाता.
जंप ट्रिक से ऐसे लगाया जाता है चूना

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फ्रॉड का एक और तरीका जंप ट्रिक कहलाता है. इसमें मीटर की रीडिंग धीरे-धीरे बढ़ने के बजाय अचानक 10, 20 या 30 पर पहुंच जाती है. इस ट्रिक में ग्राहक को लगता है कि मशीन सामान्य तरीके से चल रही है, लेकिन असल में कम तेल भरा जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार 10 लीटर फ्यूल पर करीब 100 रुपये तक का नुकसान हो सकता है.
तेल भरवाते समय गाड़ी से उतरें

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फ्रॉड से बचने के लिए पेट्रोल भरवाते समय गाड़ी से उतरकर मशीन की रीडिंग पर नजर रखना बेहतर माना जाता है. इससे किसी भी गड़बड़ी को जल्दी पकड़ा जा सकता है.
बातों में उलझाने की कोशिश पर रहें अलर्ट

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कई बार कर्मचारी ग्राहकों को बातचीत में उलझाने की कोशिश करते हैं. ऐसे समय में मशीन और मीटर दोनों पर ध्यान बनाए रखना जरूरी होता है.
ऐसे पकड़ सकते हैं मिलावट

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अगर पेट्रोल या डीजल में मिलावट का शक हो, तो फिल्टर पेपर टेस्ट की मांग की जा सकती है. मिलावटी तेल होने पर पेपर पर अलग तरह के धब्बे दिखाई दे सकते हैं.
शिकायत कहां करें?

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अगर आपको माप या तेल की गुणवत्ता में गड़बड़ी लगती है, तो संबंधित तेल कंपनी की हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या ऑफिशियल वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.