कार में नकली इंजन ऑयल तो नहीं? ये 3 संकेत दिखें तो तुरंत हो जाएं सतर्क, वरना सीज हो सकता है इंजन

क्या आपकी कार में भी नकली इंजन ऑयल डाला गया है? कुछ आसान संकेतों से मिनटों में पता चल सकता है कि ऑयल असली है या खराब. समय रहते पहचान नहीं की तो इंजन को भारी नुकसान और हजारों रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है.

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कार की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इंजन ऑयल की क्वालिटी बेहद अहम होती है. कई बार लोग अनजाने में नकली या खराब ऑयल इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे इंजन की सुरक्षा कम हो जाती है. ऐसे ऑयल में जरूरी केमिकल और एडिटिव्स नहीं होते, जो इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

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खराब ऑयल से इंजन पर पड़ता है असर

खराब ऑयल से इंजन पर पड़ता है असर2 / 6

घटिया या खराब इंजन ऑयल की वजह से इंजन के अंदरूनी हिस्सों में घिसावट तेजी से बढ़ सकती है. इसके कारण माइलेज कम हो सकता है, इंजन की क्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर स्थिति में इंजन सीज होने का खतरा भी पैदा हो जाता है. इसलिए समय रहते ऑयल की गुणवत्ता जांचना जरूरी है.

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रंग और गाढ़ापन देखकर करें पहचान

रंग और गाढ़ापन देखकर करें पहचान3 / 6

इंजन ऑयल की स्थिति जानने का सबसे आसान तरीका उसका रंग और टेक्सचर देखना है. नया और अच्छी क्वालिटी का ऑयल आमतौर पर हल्के सुनहरे या एंबर रंग का होता है और साफ दिखाई देता है. अगर ऑयल जरूरत से ज्यादा काला, गाढ़ा या उसमें गंदगी नजर आए तो यह खराब होने का संकेत हो सकता है.  ये भी पढ़ें- गर्मी में अचानक जाम हो गया कार का Door Lock? फंसने पर तुरंत करें ये काम

बदबू और पतलापन भी देते हैं संकेत

बदबू और पतलापन भी देते हैं संकेत4 / 6

कई बार नकली इंजन ऑयल सामान्य ऑयल की तुलना में काफी पतला या पानी जैसा महसूस होता है. यदि ऑयल से जलने जैसी गंध आने लगे तो यह भी खराब क्वालिटी की निशानी मानी जाती है. ऐसे संकेत मिलने पर ऑयल को तुरंत चेक कराना चाहिए.

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पैकेजिंग और सील की जरूर जांच करें

पैकेजिंग और सील की जरूर जांच करें5 / 6

नकली इंजन ऑयल की पहचान उसकी पैकिंग से भी की जा सकती है. असली प्रोडक्ट की पैकेजिंग साफ-सुथरी और प्रोफेशनल होती है. अगर बोतल पर धुंधली प्रिंटिंग, गलत स्पेलिंग, टूटी सील या ढीली कैप दिखाई दे तो सावधान हो जाएं. कई कंपनियां QR कोड और बैच नंबर भी देती हैं, जिनसे प्रोडक्ट की असलियत जांची जा सकती है. (Photo- Freepik)

कार का व्यवहार भी बताता है ऑयल की हालत

कार का व्यवहार भी बताता है ऑयल की हालत6 / 6

अगर कार पहले जैसी स्मूथ नहीं चल रही, इंजन से खट-खट जैसी आवाजें आ रही हैं, गाड़ी ज्यादा गर्म हो रही है या माइलेज अचानक कम हो गया है, तो इसकी वजह खराब इंजन ऑयल हो सकती है. सही लुब्रिकेशन न मिलने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे पिकअप कम हो सकता है और ड्राइविंग अनुभव भी प्रभावित हो सकता है. ये भी पढ़ें- बिना पेट्रोल के चलेंगी सबकी फेवरेट मारुति के ये 3 कारें, खर्च होगा आधा

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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