Trauma Bond: प्यार एक खूबसूरत अहसास है। जब लड़का-लड़की एक दूसरे के प्यार में होते हैं, तो उन्हें सब कुछ अच्छा लगता है। वो निस्वार्थ भाव से एक दूसरे को अपनाते हैं, लेकिन जब रिश्ते में झूठ, शक और गलतफहमी का बीच पनपने लगता है, तो इससे दूरियां आने लगती हैं। वहीं, कई बार कुछ लोग ऐसे रिलेशनशिप में फंस जाते हैं, जहां वो अपने पार्टनर से प्यार तो करते हैं, लेकिन उनसे अलग नहीं होना चाहते हैं। इसी वजह से वो दर्द, चिंता और यहां तक की साथी के दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि ये कोई आम स्थिति नही है, बल्कि ये एक अनहेल्दी रिलेशनशिप की निशानी है, जिसे 'ट्रॉमा बॉन्ड' नाम से जाना जाता है।
'ट्रॉमा बॉन्ड' की स्थिति में दोनों में से एक पार्टनर काफी दुखी रहता है। उनका साथी उनसे दूर न हो जाए, केवल इसलिए वो उनकी पसंद को अपना बनाते हैं। शारीरिक और भावनात्मक रूप से उन पर निर्भर रहते हैं। यहां तक की उनके दुर्व्यवहार को भी बिना शिकायत सहते हैं। 'ट्रॉमा बॉन्ड' की स्थिति में व्यक्ति चाह कर भी ब्रेकअप करने के बारे में नहीं सोचता है। आइए विस्तार से जानते हैं ट्रॉमा बॉन्ड के संकेत और उससे बाहर निकलने के तरीकों के बारे में।
ट्रॉमा बॉन्ड के संकेत
ट्रॉमा बॉन्ड की सिचुएशन आमतौर पर रिलेशनशिप में तब आती है, जब एक पार्टनर दूसरे साथी पर पूरी तरह से निर्भर होता है। उन्हें उनके साथ के बिना असुरक्षित महसूस होता है। यहां तक कि उनका आत्मविश्वास भी कम होने लगता है।
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जो लोग ट्रॉमा बॉन्ड के शिकार होते हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि जो उनके साथ हो रहा है वो सही है। वो पार्टनर के गलत व्यवहार के लायक हैं। अपनी कमियों को छुपाने के चक्कर में उस परिस्थिति से समझौता करने के लिए तैयार हो जाते हैं और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने की जगह उसे अनदेखा करने लगते हैं।
अक्सर ट्रॉमा बॉन्ड में फंसे लोगों को अपने रिश्ते के टूटने का डर होता है, जिसके चक्कर में वो सब कुछ सहन करते हैं। यहां तक कि पार्टनर की गाली-गलौज से लेकर मारपीट तक सहते हैं।
ट्रॉमा बॉन्ड से बाहर निकलने के तरीके
- अपनी भावनाओं की अहमियत को समझें
कोई भी रिश्ता दो लोगों से बनता है, लेकिन जब रिलेशनशिप में केवल एक ही व्यक्ति की भावनाओं को अहमियत मिलने लगे, तो इससे रिश्ता खराब होने लगता है। इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप खुद अपनी भावनाओं को अहमियत दें।
आपको अगर अपने पार्टनर की कोई बात अच्छी नहीं लगती है, तो उन्हें उसके बारे में बताएं। वो आपको गाली देते हैं या आपके साथ मारपीट करते हैं, तो आज ही उनके खिलाफ आवाज उठाएं। बिना ये सोच कि उन्हें कैसा लगेगा।
- दोस्तों या परिवारवालों से सलाह लें
अगर आपको समझ नहीं आ रहा है कि आपको क्या करना चाहिए, तो ऐसे में आप अपने करीबी दोस्तों व परिवारवालों से सलाह ले सकते हैं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
Trauma Bond: प्यार एक खूबसूरत अहसास है। जब लड़का-लड़की एक दूसरे के प्यार में होते हैं, तो उन्हें सब कुछ अच्छा लगता है। वो निस्वार्थ भाव से एक दूसरे को अपनाते हैं, लेकिन जब रिश्ते में झूठ, शक और गलतफहमी का बीच पनपने लगता है, तो इससे दूरियां आने लगती हैं। वहीं, कई बार कुछ लोग ऐसे रिलेशनशिप में फंस जाते हैं, जहां वो अपने पार्टनर से प्यार तो करते हैं, लेकिन उनसे अलग नहीं होना चाहते हैं। इसी वजह से वो दर्द, चिंता और यहां तक की साथी के दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि ये कोई आम स्थिति नही है, बल्कि ये एक अनहेल्दी रिलेशनशिप की निशानी है, जिसे ‘ट्रॉमा बॉन्ड’ नाम से जाना जाता है।
‘ट्रॉमा बॉन्ड’ की स्थिति में दोनों में से एक पार्टनर काफी दुखी रहता है। उनका साथी उनसे दूर न हो जाए, केवल इसलिए वो उनकी पसंद को अपना बनाते हैं। शारीरिक और भावनात्मक रूप से उन पर निर्भर रहते हैं। यहां तक की उनके दुर्व्यवहार को भी बिना शिकायत सहते हैं। ‘ट्रॉमा बॉन्ड’ की स्थिति में व्यक्ति चाह कर भी ब्रेकअप करने के बारे में नहीं सोचता है। आइए विस्तार से जानते हैं ट्रॉमा बॉन्ड के संकेत और उससे बाहर निकलने के तरीकों के बारे में।
ट्रॉमा बॉन्ड के संकेत
ट्रॉमा बॉन्ड की सिचुएशन आमतौर पर रिलेशनशिप में तब आती है, जब एक पार्टनर दूसरे साथी पर पूरी तरह से निर्भर होता है। उन्हें उनके साथ के बिना असुरक्षित महसूस होता है। यहां तक कि उनका आत्मविश्वास भी कम होने लगता है।
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जो लोग ट्रॉमा बॉन्ड के शिकार होते हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि जो उनके साथ हो रहा है वो सही है। वो पार्टनर के गलत व्यवहार के लायक हैं। अपनी कमियों को छुपाने के चक्कर में उस परिस्थिति से समझौता करने के लिए तैयार हो जाते हैं और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने की जगह उसे अनदेखा करने लगते हैं।
अक्सर ट्रॉमा बॉन्ड में फंसे लोगों को अपने रिश्ते के टूटने का डर होता है, जिसके चक्कर में वो सब कुछ सहन करते हैं। यहां तक कि पार्टनर की गाली-गलौज से लेकर मारपीट तक सहते हैं।
ट्रॉमा बॉन्ड से बाहर निकलने के तरीके
- अपनी भावनाओं की अहमियत को समझें
कोई भी रिश्ता दो लोगों से बनता है, लेकिन जब रिलेशनशिप में केवल एक ही व्यक्ति की भावनाओं को अहमियत मिलने लगे, तो इससे रिश्ता खराब होने लगता है। इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप खुद अपनी भावनाओं को अहमियत दें।
आपको अगर अपने पार्टनर की कोई बात अच्छी नहीं लगती है, तो उन्हें उसके बारे में बताएं। वो आपको गाली देते हैं या आपके साथ मारपीट करते हैं, तो आज ही उनके खिलाफ आवाज उठाएं। बिना ये सोच कि उन्हें कैसा लगेगा।
- दोस्तों या परिवारवालों से सलाह लें
अगर आपको समझ नहीं आ रहा है कि आपको क्या करना चाहिए, तो ऐसे में आप अपने करीबी दोस्तों व परिवारवालों से सलाह ले सकते हैं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।