Mono Diet Benefits: हर पीढ़ी में एक समस्या कॉमन रही है और वो है मोटापा। पहले के जमाने में फिर भी लोग फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करते थे तो इससे बच भी जाते थे, लेकिन आज के समय में लोग मोटापे का तुरंत शिकार हो जाते हैं। इसका मेन कारण है अनहेल्दी डाइट और फिजिकली एक्टिव न होना। ऐसे में मोटापा आजकल एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। इसकी वजह से कई गंभीर और लाइलाज बीमारियां जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि का लोग शिकार हो रहे हैं।
अगर आप भी मोटापे से परेशान हैं और इससे छुट्टी पाना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ऐसे डाइट प्लान के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस बीमारी की छुट्टी कर देगा। उस डाइट प्लान का नाम है ‘MONO DIET’ जी हां मोनो डाइट। वेट लॉस के लिए लोग कई प्रकार के डाइट प्लान को फॉलो करते हैं, जैसे इंटरमिटेंट फास्टिंग, फैट्स फ्री डाइट और कार्ब्स फ्री डाइट आदि, लेकिन इनके साथ ही मोनो डाइट भी आजकल काफी ट्रेंडिंग है। आइए जानते हैं कि क्या है ये मोनो डाइट?
क्या है मोनो डाइट?
मोनो डाइट में आपको एक ही तरह का फूड कुछ समय के लिए खाना पड़ता है। इसमें आप पूरे दिनभर के डाइट प्लान में बस एक ही तरह का फूड शामिल करते हैं। इसमें आप कुछ भी ले सकते हैं। इसका कॉन्सेप्ट एकदम सरल सा है। अगर आप एक ही प्रकार का भोजन खाते हैं तो इसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ती है। इससे पाचन तंत्र पर दबाव कम हो जाता है और शरीर बची हुई एनर्जी को दूसरी चीजों में इंवेस्ट कर सकता है।
मोनो डाइट के प्रकार
फ्रूट मोनो डाइट: इसमें कोई एक फल जैसे केला, सेब, पपीता, अंगूर या संतरा खाया जा सकता है।
सब्जी मोनो डाइट: इसमें कोई एक सब्जी जैसे खीरा, गाजर, पालक, लौकी आदि को डाइट में शामिल किया जाता है।
ग्रेन मोनो डाइट: इसमें एक ही प्रकार के अनाज जैसे ब्राउन राइस, क्विनोआ या ओट्स का सेवन किया जाता है।
प्रोटीन मोनो डाइट: इसमें कोई एक हाई-प्रोटीन फूड जैसे अंडा, चिकन, टोफू, या दाल खाई जाती है।
लिक्विड मोनो डाइट: इसमें केवल जूस, नारियल पानी या स्मूदी जैसी लिक्विड चीजों का सेवन किया जाता है।
मोनो डाइट से मिलते हैं ये फायदे
डिटॉक्सिफिकेशन: शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है।
पाचन सुधारती है: सिर्फ एक तरह का भोजन होने से डाइजेशन आसान हो जाता है।
वजन घटाने में मदद: यह डाइट कैलोरी इनटेक को कम करने में मदद कर सकती है, जिससे वेट लॉस आसान हो जाता है।
एलर्जी का चलता है पता: अगर किसी फूड से एलर्जी हो तो मोनो डाइट से उसकी पहचान हो जाती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक्सपर्ट के अनुसार मोनो डाइट को अगर आप 1 से 2 दिन के लिए अपनाते हैं तो आपके लिए यह फायदेमंद हो सकती है। इससे लंबे समय तक फॉलो करना आपकी बॉडी में पोषक तत्वों की कमी कर सकता है। इस कारण इसको अपनाने से पहले किसी अच्छे न्यूट्रिशियन की सलाह ले लें।
ये होते हैं नुकसान
एक ही फूड खाने से शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी हो जाती है। अगर इस डाइट को लंबे समय तक जारी रखा जाता है तो इससे शरीर कमजोर पड़ जाता है। ऐसी डाइट में आप एक ही फूड बार-बार खाते हैं तो बोर हो जाते हैं। इस कारण इसे ज्यादा दिनों तक फॉलो करना मुश्किल हो जाता है।
इन लोगों को नहीं फॉलो करनी चाहिए मोनो डाइट
यह डाइट प्रेग्नेंट महिलाओं, डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को नहीं अपनानी चाहिए। इसके साथ ही लोग ज्यादा एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उन्हें भी इस डाइट प्लान से दूर रहना चाहिए।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें-Holi 2025: इन देशों में भी उड़ते हैं होली के रंग, होते हैं खास सांस्कृतिक आयोजन; जानें