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Gopal Kanda Lifestyle, सिरसा: हरियाणा के बहुचर्चित नेता गोपाल कांडा (Gopal Kanda) एयर होस्टेस गीतिका शर्मा सुसाइड केस में बरी होने की खुशी मना ही रहे थे कि इसी बीच अचानक से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी। ED के राडार पर आए गोपाल कांडा लगभग 70 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। गोवा में कई कैसीनो भी चल रहे हैं। हालांकि एक वक्त वो भी था, जब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि के स्थानीय नेता का यह बेटा मुफलिसी के दौर से भी गुजरा। सिर्फ 15 साल की उम्र में जूते की दुकान संभालने की नौबत आ गई। वह कारोबार नहीं चला, लेकिन बावजूद इसके गोपाल कांडा आज एक करोड़पति हैं। न्यूज 24 कैसीनो किंग, प्रॉपर्टी कारोबारी और राजनेता गोपाल कांड की जिंदगी की इसी दिलचस्प कहानी से आपको रू-ब-रू करा रहा है। जानें कांडा की जिंदगी का वो सबकुछ, जो आप जानना चाहते हैं…
गोपाल कांडा का जन्म 29 दिसंबर 1965 को को हरियाणा के सिरसा जिले के रानिया में हुआ था। इनके पिता मुरलीधर कांडा पेशे से एक वकील थे और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े थे। उन्होंने (मुरलीधर कांडा ने) गो-रक्षा आंदोलन, जरूरतमंद की सहायता और जनहित की लड़ाई लड़ी। इमरजेंसी के दौर में जेल भी गए। मरणोपरांत उन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया। बावजूद इसके कांडा परिवार एक साधारण जीवन गुजार रहा था।
ढाई एकड़ में बना है आलिशान महल, अंदर ही उतर सकता है हेलिकॉप्टर2019 के विधानसभा चुनाव में फाइल किए गए एफिडेविट के मुताबिक गोपाल कांडा कुल 70 करोड़ 52 लाख 75 हजार 12 सौ रुपये की चल संपत्ति के मालिक हैं। उन्होंने 14 करोड़ 93 लाख की अचल संपत्ति भी बताई थी। उनके पास 3923 ग्राम सोना है। साथ ही 72 कैरेट डायमंड हैं, जिनकी कीमत सात लाख 20 हजार रुपये है। पत्नी सरस्वती कांडा के पास करीब 10 करोड़ 85 लाख की चल और 18 करोड़ 45 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। उनके पास 1562 ग्राम सोना है। 25 लाख रुपये का 250 कैरेट डायमंड है। सिरसा में गोपाल कांडा ने करीब ढाई एकड़ में एक आलिशान महल बनवा रखा है, जिसके अंदर हेलिकॉप्टर उतरने तक की सुविधा उपलब्ध है।
कांडा का करोड़पति बनने का असली सफर साइबर सिटी गुरुग्राम से शुरू हुआ था। असल में इससे पहले 10वीं तक पढ़े बेटे गोपाल कांडा ने परिवार में आर्थिक योगदान डालने के लिए सिर्फ 15 साल की उम्र में जूते की एक छोटी सी दुकान खोली थी। इसके बाद टीवी रिपेयरिंग और इलैक्ट्रिशियन तक का काम किया। 1996 में प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम रखा तो बाद में राजनेताओं से संपर्क बनने लगे। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के सुप्रीमो और उस वक्त के मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेहद करीब रहे कांडा की सिरसा जिले में तैनात एक IAS अफसर से दोस्ती हो गई। वर्ष 2000 में जब वह अफसर गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (अब HSVP) का प्रशासक लग गया तो दोस्ती का फायदा उठाते हुए कांडा ने गुरुग्राम में प्लाटों की खरीद-फरोख्त शुरू की थी। यह वो दौर था, जब गुरुग्राम तेजी से डेवलप हो रहा था और बड़ी-बड़ी कंपनियां वहां अपने कॉर्पोरेट दफ्तर खोल रही थी। जीवन में आए उतार-चढ़ाव के चलते कांडा ने एयरलाइंस में कदम रखा। पिता मुरलीधर लेखा राम के नाम पर गुड़गांव से एमडीएलआर एयरलाइंस (MDLR Airlines) की शुरुआत की, जिसका काम 2009 में बंद हो गया।
2004 में कॉन्ग्रेस की सरकार बनते ही गोपाल कांडा ने इनेलो से पाला बदल लिया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा दोबारा मुख्यमंत्री बने तो उनके नेतृत्व वाली सरकार में गोपाल कांडा गृह राज्य मंत्री बने। 2009 में एमडीएलआर एयरलाइंस तो भले ही बंद हो गई, लेकिन अब तक कांडा का कारोबार खूब फल-फूल चुका था। शॉपिंग मॉल, गोवा के होटल में कैसीनो, स्कूल, यूनिवर्सिटी और न्यूज चैनल समेत इस दौरान कांडा की करीब 40 दूसरी कंपनियां चलती रही।

पूर्व गृह राज्य मंत्री एवं सिरसा के मौजूदा विधायक गोपाल कांडा को आज कैसीनो किंग कहा जाता है। गोवा में कांडा का बिग डैडी नामक कैसीनो चल रहा है। कभी कांडा का रियो नामक कैसीनो गोवा में समुद्र के अंदर खड़े रहने वाले शिप पर चलता था। कांडा की कंपनी मैसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड का शिप गोवा की मंडोवी नदी में खड़ा रहता था।
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