कहीं हवन और अगरबत्ती का धुआं हमारे फेफड़ों को खराब तो नहीं कर रहा? पढ़ें क्या कहते डॉक्टर्स
Air Pollution in House: घर अंदर भी कई सारी ऐसी चीजे होती हैं जिसकी वजह से घर के अंदर भी वायु प्रदूषण होता है।
Edited By Pooja Mishra

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Air Pollution in House: पिछले कुछ दिनों से दिल्ली समेत उसके आस-पास के शहर की हवा का हाल बहुत ही खराब हो गई है। इन दिनों हर तरफ दिल्ली के वायु प्रदूषण की बात हो रही है। ‘वायु प्रदूषण’ ये सुनते ही लोगों के दिमाग में फैक्ट्री के चिमनी से निकलने वाला धुआं, सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों से निकलने वाला धुआं और कंस्ट्रक्शन साइट से निकलने वाली धूल और धुआं ये सभी वायु प्रदूषण के बहारी कारक है। हमेशा लोगों को लगता है कि वायु प्रदूषण सिर्फ इन्हीं सब कारणों से पैदा होता है। काफी हद तक ये कथन सही भी है। लेकिन आपने कभी ये सोचा है कि जिस घर में आप रहते हैं, उसकी हवा कितनी शुद्ध है।
डॉ. विक्रम जग्गी के अनुसार, अक्सर लोगों को लगता है कि जिस घर में वो रह रहे हैं उसकी हवा अच्छा ही होगी। लेकिन असलिय इससे बिल्कुल ही अलग है। लोगों को ये समझना होगा कि जिस घर में वो रहे हैं उसकी हवा भी बाहर से ही आ रही हैं। इसके अलावा घर अंदर भी कई सारी ऐसी चीजे होती हैं जिसकी वजह से घर के अंदर भी वायु प्रदूषण होता है।
डॉ. विक्रम जग्गी ने बताया कि घर के मंदिर में जलने वाली अगरबत्ती, मोस्किटो क्लोइल (मोटिन) और हवन जैसी चीजों से निकलने वाले धुएं से भी वायु प्रदूषण फैलता है। डॉ. विक्रम ने कहा कि एक स्टडी के अनुसार, अकेले मोस्किटो क्लोइल से निकलने वाला धुआं, 10 सिगरेट से निकलने वाले धुएं के बराबर है। इससे होने वाले नुकसान का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं।
डॉ. विक्रम ने घर में होने वाले हवन को लेकर कहा कि, घर के अंदर होने वाला हवन भी वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि एक स्टडी में बताया गया है कि हवन करने वाले पुजारियों के फेफड़ों का फक्शन लगातार गिरते ही जा रहा है। डॉ. विक्रम ने पुणे के एक रिसर्च सेंटर की स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि घर के मंदिर में जलने वाली अगरबत्ती से भी वायु प्रदूषण फैलता है।
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