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हर पिता को सिखाने चाहिए बेटी को ये 5 काम, कोंफिडेंट और आत्मनिर्भर बनेगी लाडली

Parenting Tips: ऐसे बहुत से काम हैं जो पिता अपनी बेटी को सिखा सकते हैं. इन कामों से ना सिर्फ बेटी समझदार बनती है, कोंफिडेंट और आत्मनिर्भर बनती है बल्कि किसी भी मुश्किल को हल करने की क्षमता उसमें आ जाती है.

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Parenting: पिता और बेटी का रिश्ता बेहद खास होता है. पिता बेटी के हीरो होते हैं और बेटी उनकी राजकुमारी. अक्सर ही देखा जाता है कि पिता अपने बेटी को नाजों से बड़ा तो करते हैं लेकिन उसे वो लाइफ स्किल्स नहीं सिखाते जो उसके भविष्य को संवार सकती हैं. वहीं, लाइफ स्किल्स सिखाने की बात आती है तो बेटों को ही ये काम सिखाए जाते हैं बेटियों को नहीं जबकि ऐसे कई काम हैं जो बेटी को कोंफिडेंट (Confident) और आत्मनिर्भर बनाते हैं. इसीलिए ये 5 काम पिता को अपनी बेटी को जरूर सिखाने चाहिए.

हर पिता को अपनी बेटी को सिखाने चाहिए ये 5 काम

पैसों को मैनेज करना

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पिता को अपनी बेटी को फाइनेंस के बारे में बताना चाहिए. छोटी उम्र से ही पैसों को बचाना, कहां खर्च करना है, कितना खर्च करना है और लॉन्ग टर्म के लिए किस तरह सेविंग की जा सकती है, यह सब सिखाना चाहिए. इससे बेटी पैसों के मामले में समझदार बनती है और अपनी पॉकेट मनी को बेहतर तरह से यूटिलाइज कर पाती है.

बेसिक टूल्स इस्तेमाल करना

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घर के प्लग्स वगैरह या छोटी-मोटी मशीनों को खोलना या बंद करना बेटी को सिखाएं. ये काम सिर्फ बेटे के ही नहीं हैं इसीलिए बेटी को भी बेसिक टूल्स के बारे में बताएं और उन्हें इस्तेमाल करना सिखाएं. इससे बेटी को कभी भी किसी काम के लिए किसी दूसरे व्यक्ति का मुंह नहीं देखना पड़ेगा.

अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस करना

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अक्सर ही बेटी छोटी होती है तो पिता के करीब होती है लेकिन बड़े होते-होते पिता और बेटी के बीच दूरियां आ जाती हैं. जो बेटी पिता की दोस्त हुआ करती थी वह अब अपने मन की बातें अपने तक ही रखने लगती है. ऐसे में बेटी को सेफ स्पेस दें और उससे बातें करें. इस तरह बेटी आपके सामने अपनी भावनाओं को बेहतर तरह से एक्सप्रेस कर सकेगी और आप दोनों का रिश्ता और बेहतर बनेगा.

बाउंडरीज सेट करना

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बेटी को सिखाएं कि कब उसे ना (No) कह देना चाहिए और किस तरह अपनी बाउंडरीज मेंटेन करनी चाहिए. बेटी को यह बताना जरूरी है कि लोग उसके पर्सन स्पेस में आने की कोशिश करेंगे और अगर वह अपनी बाउंडरीज नहीं बनाएगी यानी लोगों को समय पर रोकेगी नहीं या ना नहीं कहेगी तो लोग उसे तकलीफ देते रहेंगे.

एक्सरसाइज को जीवन का हिस्सा बनाना

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पिता को अपनी बेटी में कम उम्र से ही रोजाना एक्सरसाइज करने की आदत डालनी चाहिए और उसे बताना चाहिए कि एक्सरसाइज करना कितना जरूरी होता है. एक्सरसाइज से ना सिर्फ वह अपना वेट मैनेज कर पाएगी बल्कि अपनी सेहत को भी दुरुस्त रख सकेगी और एक्टिव रहकर वह हर काम में आगे रहेगी और उसका कोंफिडेंस नेचुरली बूस्ट होगा.

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First published on: Apr 20, 2026 10:46 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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