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स्कूलों में 16 से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल होगा बैन! इस राज्य सरकार ने मांगे सुझाव

Karnataka School Mobile Ban:कर्नाटक सरकार 16 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए स्कूल-कॉलेज में मोबाइल फोन पर सख्त बैन की तैयारी में है. सरकार ने इस प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा के लिए राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सुझाव मांगे हैं.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 23, 2026 11:55
mobile phone ban under 16 year age
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Karnataka School Mobile Ban:कर्नाटक सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंताते हुए इस प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा के लिए राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सुझाव मांगे हैं. बैठक में सिद्धारमैया ने कुलपतियों से राय ली कि क्या नाबालिग छात्रों की मोबाइल फोन तक पहुंच को सीमित किया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लागू होगा, वयस्क छात्रों पर नहीं.

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के शिक्षा विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है. यह कदम बच्चों की पढ़ाई पर असर और गलत संगत के खतरे को देखते हुए उठाया जा रहा है. क्लास के दौरान फोन होने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है. कम उम्र में सोशल मीडिया और इंटरनेट के असुरक्षित इस्तेमाल का खतरा बना रहता है. स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों में तनाव और चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है.

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शिक्षा मंत्री का क्या है कहना?

रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. सरकार जल्द ही इसके लिए गाइडलाइंस जारी कर सकती है. हालांकि, यह प्रतिबंध केवल मनोरंजन के उद्देश्य से लाए गए फोन पर होगा या इमरजेंसी कॉल के लिए भी नियम सख्त होंगे, इस पर अभी विस्तृत चर्चा बाकी है.
यदि यह नियम लागू होता है, तो कर्नाटक उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने स्कूली शिक्षा को ‘डिजिटल डिस्ट्रैक्शन’ से मुक्त करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं.

अभिभावकों और स्कूलों की प्रतिक्रिया

जहां एक तरफ कई माता-पिता इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि इससे बच्चों का स्क्रीन टाइम घटेगा, वहीं कुछ अभिभावकों की चिंता सुरक्षा को लेकर है. उनका कहना है कि स्कूल आने-जाने के दौरान इमरजेंसी में बच्चों से संपर्क करने के लिए फोन जरूरी होता है.

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First published on: Feb 23, 2026 11:55 AM

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