---विज्ञापन---

10वीं के गणित में फेल निकला ‘अंक ज्योतिषी’ अशोक खरात, मार्कशीट से चौंकाने वाले खुलासे

जिस बाबा ने 'अंकशास्त्र' के नाम पर कई महिलाओं की जिंदगी बर्बाद की, उसकी अपनी मार्कशीट देखकर आप हैरान रह जाएंगे. खुद को नंबर्स का एक्सपर्ट बताने वाला अशोक खरात 10वीं की परीक्षा में गणित विषय में फेल था. पुलिस को बाबा के पास ज्योतिष की कोई वैध डिग्री या सर्टिफिकेट नहीं मिला है.

---विज्ञापन---

खुद को बड़ा अंकशास्त्री बताकर महिलाओं का शारीरिक शोषण करने के आरोपी बाबा अशोक खरात की असलियत अब दुनिया के सामने आ गई है. पुलिस जांच में आरोपी की जो मार्कशीट बरामद हुई है, उसने बाबा के ज्ञान के दावों की पोल खोलकर रख दी है. दूसरों की किस्मत के अंक सुधारने का दावा करने वाला यह बाबा खुद 10वीं कक्षा में गणित जैसे विषय में बुरी तरह फेल हो गया था. मार्कशीट में उसका नाम लक्ष्मण था, जिसे बाद में बदलकर अशोक खरात किया. वह सिन्नर तालुका के वावी स्थित माध्यमिक विद्यालय का छात्र था. हाईस्कूल की मार्कशीट के अनुसार, वह मुश्किल से पास होने की दहलीज तक पहुंच पाया था.

केवल 35.88% अंक और फेल का ठप्पा

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी खरात को हाईस्कूल में कुल 700 में से मात्र 251 अंक मिले थे. उसका कुल प्रतिशत महज 35.88% था. उसे मराठी में 39, अंग्रेजी में 37, गणित में 28, विज्ञान में 62, समाजशास्त्र में 38 और हिंदी में 47 अंक प्राप्त हुए थे. चौंकाने वाली बात यह है कि जो शख्स खुद को ‘अंकशास्त्र’ का विशेषज्ञ बताता था, उसे गणित में सबसे कम अंक मिले थे. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अभी तक खरात के पास अंकशास्त्री होने का कोई भी आधिकारिक प्रमाणपत्र नहीं मिला है. वह केवल अपनी बातों के जाल में फंसाकर महिलाओं का विश्वास जीतता था और फिर उनके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देता था.

---विज्ञापन---

खरात की पोल खुली

यह खुलासा उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जो बड़े-बड़े नेताओं, सेलिब्रिटीज और प्रभावशाली लोगों की कुंडली पढ़ने वाले ‘कैप्टन’ खरात पर भरोसा करते थे. खुद गणित में फेल होने के बावजूद अंकों के जादू से लोगों की किस्मत बदलने का दावा करने वाले खरात की पोल अब खुलती जा रही है. रेप के आरोपों के साथ-साथ अब उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सवालों के घेरे में है. जांच जारी है और SIT मामले की गहन छानबीन कर रही है.

First published on: Mar 25, 2026 02:20 PM

End of Article

About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola