भूटान ने सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसमें अदानी समूह का सहयोग भी अहम भूमिका निभा रहा है. गेलफू माइंडफुलनेस सिटी और वांगछू जलविद्युत परियोजनाओं में अदानी समूह की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश ने परियोजनाओं की गति को बढ़ाया है और उन्हें अधिक प्रभावशाली बनाया है. गेलफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की दूरदर्शी सोच का हिस्सा है. अदानी समूह की भागीदारी ने इस पहल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित करने में मदद की है, जिससे पर्यावरण संरक्षण, मानसिक संतुलन और टिकाऊ शहरी विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है.
अपने भूटान दौरे को लेकर उद्योगपति गौतम अडाणी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘भूटान लौटना हमेशा आनंद का विषय होता है. गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के संस्थापक सदस्य के रूप में शामिल होने का मुझे गहरा सौभाग्य मिला है. यह भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का दूरदर्शी कदम है, जो देश के दिमागी और टिकाऊ विकास के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है. हमारी ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, हमने 5,000 मेगावाट जलविद्युत के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए और 570 मेगावाट वांगचू हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट की आधिकारिक शुरुआत की. इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री दाशो त्सेरिंग तोबगाय की मौजूदगी के लिए मैं हृदय से आभारी हूं. हम यह साझेदारी टिकाऊपन, विश्वास और दीर्घकालिक मूल्य पर आधारित रखते हुए इसे और मजबूत करते रहेंगे.’
Always a delight to return to Bhutan.
— Gautam Adani (@gautam_adani) January 4, 2026
Deeply privileged to be a founding member of the Gelephu Mindfulness City. Indeed, a visionary initiative of His Majesty King Jigme Khesar Namgyel Wangchuck that reflects Bhutan’s enduring commitment to mindful and sustainable development.… pic.twitter.com/3zIJRPvsRW
ऊर्जा क्षेत्र में भी अदानी समूह ने अपनी विशेषज्ञता के साथ सहयोग किया है. हाल ही में 5,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए, और 570 मेगावाट क्षमता वाली वांगछू जलविद्युत परियोजना का शुभारंभ हुआ. अदानी समूह ने न केवल तकनीकी मदद दी, बल्कि परियोजना की दक्षता और स्थायित्व सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. भूटान के प्रधानमंत्री दशो त्शेरिंग तोबगे ने इस अवसर पर कहा कि अदानी समूह जैसे उद्योग साझेदारों के सहयोग से जलविद्युत और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं अधिक प्रभावशाली बन रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अदानी समूह का सहयोग भूटान के सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा, और यह पहल दुनिया के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी.










