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करोड़ों हिन्दुओं की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब बड़े डकैतों को फांसी की सजा होगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस चंदा चोर पार्टी ने इस मुद्दे को सबसे ज्यादा भुनाया, उसके एक भी नेता ने चंदा चोरी की आलोचना नहीं की और इसके खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला.

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीराम के घर में अरबों रुपए की चोरी करने वाले सभी राक्षसों को सरेआम फांसी पर लटकाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे. पूरे देश में चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए. क्योंकि ट्रस्ट, ट्रस्ट के लोग और राम के घर डकैती करने वाले सब चंदा चोर पार्टी के हैं. चंदा चोर पार्टी छोटे प्यादों को फंसाकर राम के घर बड़ी डकैती करने वालों को बचा रही है. ऐसे में करोड़ों हिन्दुओं की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब बड़े डकैतों को फांसी की सजा होगी. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन्होंने चोरी की, उन्हीं पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है. फर्जी एसआईटी, फर्जी एफआईआर और फर्जी गिरफ्तारी, छोटे प्यादों को फंसाकर बड़े अपराधियों को बचाया गया.

अयोध्या में प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के घर में महा डकैती हो गई है. भगवान राम के आभूषण, उनका हार, उनकी पादुका, उन पर चढ़ाए गए चांदी, सोना, हीरे-जवाहरात, करोड़ों-अरबों रुपए का कैश और ना जाने क्या-क्या चोरी हो गया है. इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं. भगवान राम पर करोड़ों-करोड़ों लोगों की आस्था है और उन करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है. लोग आहत हुए हैं. मैं स्वयं बहुत आहत हुआ और इसीलिए आज मैं भगवान राम के दर्शन करने के लिए राम मंदिर गया.

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जिन लोगों ने चोरी की है और जो इस महा डकैती में शामिल हैं, बदकिस्मती से उन्हीं को कार्रवाई भी करनी है. जाहिर तौर पर वह अपने खिलाफ तो कार्रवाई करेंगे नहीं, वह पूरी तरह से अपने को बचाने में लगे हुए हैं. ये जो फर्जी एसआईटी बनी और गुरुवार को जो फर्जी एफआईआर हुई, उस फर्जी एफआईआर में आठ छोटे-छोटे प्यादों को आरोपी शामिल किया गया. कोई बड़े नाम नहीं हैं. एक तरफ तो इतनी बड़ी महा डकैती हुई और दूसरी तरफ इसमें जितने बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं, उनको बचाने की कोशिश की जा रही है. यह एक तरह से सभी हिंदुओं के जले पर नमक छिड़कने वाली बात है. लोगों का कहना है कि उनकी आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी जब तक चोरी करने वाले इन बड़े-बड़े लोगों को सरेआम फांसी की सजा नहीं दी जाएगी.

अरविंद केजरीवाल ने कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांदी दान में दी. उन्हें रसीद नहीं मिली और उन्होंने रसीद की जिद भी नहीं की. उन्हें पूरा यकीन था कि भगवान के यहां चंदा चढ़ा रहे हैं, इसमें रसीद की क्या जरूरत है. बहुत लोग जाते हैं भगवान के यहां चंदा चढ़ाते हैं, रसीद कौन मांगता है. 5 साल हो गए उन्होंने कभी रसीद की जिद नहीं की, लेकिन अब जब उन्होंने यह सारा मामला जाना तो उनकी भी रूह कांप गई. अब वे पूछ रहे हैं कि हमारी 200 किलो चांदी कहां गई? उनका विश्वास डगमगा गया. भगवान राम पर उनकी अटूट श्रद्धा है, लेकिन मंदिर को चलाने वाले और उनके ऊपर के आकाओं के ऊपर उनका विश्वास डगमगा गया है.

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रोज लाखों श्रद्धालु मंदिर में आते हैं और चढ़ावा चढ़ाते हैं. बताया जा रहा है कि रोज 12 से 14 लाख रुपए का चंदा मंदिर में आया करता था. जब से यह खबरें मीडिया में आई हैं, यह घटकर 1 लाख रुपए से भी कम हो गया है. लोगों की आस्था को बहुत भारी ठेस पहुंची है. ऐसे ढेरों उदाहरण हैं. किसी रस्तोगी जी ने दो दीपक दान में दिए, जिसमें से एक दीपक पर अखंड ज्योति जलाई गई. बता रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद उस दीपक का कोई अता-पता नहीं है. बहुत सारे लोग अब अपने-अपने चंदे का हिसाब मांग रहे हैं. जिन लोगों ने अपनी जमीनें, गहने और अपने घर का पूरा सामान बेचकर सब कुछ भगवान राम पर लुटा दिया, आज उनकी आस्था को भारी ठेस पहुंची है.

अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि भगवान राम ने अपने पिता दशरथ और माता कैकेयी के कहने पर सवेरे होने वाले अपने राज्याभिषेक को छोड़कर एक मिनट के अंदर सत्ता को लात मार दी और मुस्कुराते हुए 14 साल का वनवास स्वीकार कर लिया. ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम का गलत इस्तेमाल करके और पिछले 30 साल से भगवान राम का मंदिर बनाने के नाम पर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई. जब से ये सत्ता में आए हैं, तब से इन्होंने राम मंदिर को अपनी पैसे की हवस का शिकार बना दिया है. रोज कुछ ना कुछ निकल रहा है.

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि राम मंदिर के नाम पर जमीनों की भी चोरी हुई है और जमीनों के जरिए इन्होंने पैसे को साइफन ऑफ किया है. इसका एक उदाहरण है कि कुसुम पाठक और हरीश पाठक ने 18 मार्च 2021 को अपनी सवा हेक्टेयर जमीन 2 करोड़ रुपए में चंदा चोर पार्टी से संबंधित दो लोगों को बेची. मात्र 10 मिनट के अंदर मंदिर के ट्रस्ट ने 2 करोड़ की वही जमीन चंदा चोर पार्टी के लोगों से 18 करोड़ रुपए में खरीद ली. इसका मतलब 16 करोड़ रुपए ट्रस्ट ने भगवान राम के साइफन ऑफ कर दिए. ऐसे ढेरों उदाहरण हैं जिनकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिन लोगों को कार्रवाई करनी है, वे अपने खिलाफ एक्शन नहीं लेंगे. वे छोटे-छोटे कैशियर, चौकीदार और माली को पकड़ेंगे, ऊपर बैठे हुए बड़े लोगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में भी आरोप लग रहे हैं कि हर टेंडर के अंदर कमीशन खाया गया और 2 रुपए का काम 10-20 रुपए में कराया गया. और अब जो निकल कर आ रहा है कि मंदिर बनने के समय और मंदिर चालू होने के बाद जितना चढ़ावा आया, उस चढ़ावे की बड़े स्तर के ऊपर चोरी की गई है.

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अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हिंदुओं ने चंदा चोर पार्टी को प्यार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन चंदा चोर पार्टी ने हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी. चंदा चोर पार्टी ने हिंदुओं को जिस तरह का धोखा दिया है, शायद ही भारत के इतिहास में किसी ने हिंदुओं के साथ इतना बड़ा छल किया होगा. यह जो ट्रस्ट है, यह इनका है, इसके मेंबर और ट्रस्टी सब इनके हैं. मंदिर का सारा मैनेजमेंट इनका है. मंदिर में बहुत बड़े पैमाने पर चोरी और महा डकैती हुई है और अब उस डकैती पर पर्दा ढाकने का काम भी यही लोग कर रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर रोज चोरी हो रही थी, तो क्या बड़े लोगों को पता नहीं था? अगर किसी मंदिर की मूर्ति चोरी हो जाए, तो वह एक घटना मानी जा सकती है, लेकिन जहां रोज इतने बड़े स्तर पर चोरी हो रही हो, शिकायतें हो रही हों और 8 महीने के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग गायब कर दी गई हो, तो इसका मतलब है कि यह बहुत ऊपर तक की बात है. मुख्य प्रश्न यह है, जो पूरा देश और हिंदू समाज जानना चाहता है कि कितने करोड़ और अरबों रुपए की चोरी हुई और वह सारा पैसा गया कहां? वह सारा पैसा ये आठ कैशियर नहीं ले गए जिनके खिलाफ एफआईआर हुई है. जो अरबों रुपए का पैसा, सारे हीरे-जवाहरात, चांदी, पादुका, हार और भगवान के आभूषण चोरी हो गए, वह अयोध्या के बाहर गया, कहां गया और उसका डेस्टिनेशन कहां है? इसके तार बहुत ऊपर तक हैं.

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चोरी सामने आए 18 दिन हो गए. जब मैं गुरुवार को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा और अयोध्या की तरफ आ रहा था, एफआईआर उसके बाद हुई है. एफआईआर करने के लिए भी इतनी जद्दोजहद करनी पड़ी. मैंने सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए सुना कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने चंपत राय से रिकॉर्ड और हिसाब-किताब मांगा, लेकिन चंपत राय ने देने से मना कर दिया. इस देश में एक ऐसा व्यक्ति भी है जो मोदी जी को मना भी कर सकता है और मोदी जी ने उसे मान भी लिया, कोई रिमाइंडर तक नहीं भेजा. इससे समझा जा सकता है कि इसके तार कहां तक हैं. चंपत राय के पास ऐसी क्या जानकारी है जिसके सामने मोदी जी भी बेबस हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस चंदा चोर पार्टी ने इस मुद्दे को सबसे ज्यादा भुनाया, उसके एक भी नेता ने चंदा चोरी की आलोचना नहीं की और इसके खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला. पूरे हिंदू समाज की एक ही मांग है कि जिन राक्षसों ने यह काम किया है, उन्हें सरेआम फांसी पर लटकाया जाए. चंदा चोरी, लोगों की आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ एक महापाप है और इसे करने वाले सभी राक्षसों को सरेआम फांसी पर लटकाया जाए.

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसा देखने में आ रहा है, ये लोग कुछ नहीं करेंगे, ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए हैं. अगर प्रधानमंत्री जी चंपत राय के सामने इतने बेबस हैं, तो सोचा जा सकता है कि कौन कहां कितना मिला हुआ है. लेकिन मेरी समाज से विनती कि कानून अपना काम करे या ना करे, हम सब मिलकर कानून से काम कराएंगे. भगवान राम भी इन लोगों को दंड देंगे. आज मैं भगवान राम के सामने नतमस्तक हुआ, वे भी इनको दंड देंगे. लेकिन यह पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है कि जितने भी चंदा चोर, उनके सहयोगी या समर्थक हैं, उन सबका सामाजिक बहिष्कार करना शुरू कर दीजिए, नहीं तो आप भी पाप के भागीदार बनेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों को लगता था कि राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति मिट्टी की है. बड़ी इन्हें यह पता नहीं है कि भगवान राम कितने शक्तिशाली हैं और उनकी ताकत क्या है. इन्हें लगता था कि बड़ी आसानी से डकैती कर लेंगे. मैं इनको कहना चाहता हूं कि ये राम के सहारे आए थे, अब भगवान राम ही इनको भगाएंगे. पूरे हिंदू समाज की मांग है कि ट्रस्ट के अंदर बैठे इन नेताओं और अफसरों का मंदिर से क्या लेना-देना है? इन्होंने अपने प्यादों को बिठा रखा है. आज हम हनुमानगढ़ी गए थे, जिसका संचालन साधु-संत करते हैं. साधु-संत निर्माेही होते हैं. वहां सदियों से करोड़ों का चंदा चढ़ता है, लेकिन आज तक एक नए पैसे का आरोप नहीं लगा. वह मंदिर सदियों से चल रहा है. भगवान राम का मंदिर भी साधु-संतों और धर्माचार्यों को सौंपा जाए. इन अफसरों और नेताओं को उसके चंगुल से हटाया जाए और ट्रस्ट में केवल धर्माचार्यों को ही रखा जाए.

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि जो राम के नहीं हुए, जिन्होंने भगवान राम को लूट लिया, वे आपके क्या होंगे? कुछ अंधभक्तों को लगता था कि ये लोग बड़े ईमानदार हैं और उन्हें इनकी ईमानदारी पर बड़ा भरोसा था, वे अंधभक्त जान लें कि जिन्होंने राम को नहीं छोड़ा, वे राष्ट्र को क्या छोड़ेंगे? मैं पूरे देश से अपील करना चाहता हूं कि यह धर्म युद्ध है, इसके लिए सब लोगों को उठना और खड़ा होना पड़ेगा. सब लोगों को इस धर्म युद्ध की लड़ाई लड़नी पड़ेगी. आज मैं तो भगवान राम के मंदिर में कसम खाकर आया हूं कि जब तक इन राक्षसों को फांसी पर नहीं चढ़वा दूंगा, तब तक चैन की सांस नहीं लूंगा.

केजरीवाल का योगी पर पलटवार, ‘चंदा चोरों का साथ छोड़िए, ये आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे’

अरविंद केजरीवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि कि महाराज जी, ये जो चंदा चोर हैं, ये आपको भी हटाने का पूरा षड्यंत्र रच रहे हैं और आपकी भी कुर्सी के पीछे पड़े हैं. आप महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे हैं? मेरा संघर्ष यह है कि इन चंदा चोरों और राक्षसों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए. इसमें मेरा साथ दीजिए और इन महापापियों का साथ मत दीजिए.

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उन्होंने एक्स पर कहा कि महाराज जी, आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं. आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे. भगवान राम के घर हुई महा डकैती के राक्षसों को सरे आम फांसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए. इस महापाप में भागीदार मत बनिए.

उधर, “आप” के राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि गुरुवार को जब अरविंद केजरीवाल प्रभु श्री राम के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे, तो आनन-फानन में चंदा चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. जब अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को मजबूती से उठाया, तो आज यह जानकारी मिल रही है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो गया है. राम मंदिर में हुई इस चंदा चोरी की घटना से अरविंद केजरीवाल और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले देश के करोड़ों लोग बेहद आहत और पीड़ित हैं.

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First published on: Jun 26, 2026 08:07 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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