युवाओं की अचानक मौत का कोविड वैक्सीन से क्या संबंध? एम्स ने अमेरिका की थ्योरी को झुठलाया

Covid vaccine not linked to sudden deaths: अमेरिका में हाल ही में 10 बच्चों की मौत के बाद वहां के स्वास्थ्य सचिव ने इसके पीछे कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार बताते हुए टीकाकरण नीति बदल दी थी, अब नई दिल्ली एम्स के डाक्टर ने अमेरिका के दावे को झुठला दिया है. ICMR journal में पब्लिश अपनी रिपोर्ट में एम्स के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. सुधीर अरावा ने कहा कि इन मौतों का कोविड-19 वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है.

AIIMS Dr Sudhir Arava

Covid vaccine not linked to sudden deaths: युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के कारणों पर दिल्ली एम्स में हुई रिसर्च ने अमेरिका के उस दावे को झुठला दिया है, जिसमें अमेरिका ने हाल ही में 10 बच्चों की मौत के लिए कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया था. एम्स के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. सुधीर अरावा ने ICMR journal में पब्लिश अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन मौतों का कोविड-19 वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है. डॉ. सुधीर अरावा ने एक साल में युवाओं की मौत के सामने आए केसों पर गहरे अध्यनन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी. डॉ. सुधीर अरावा ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि “युवाओं में अचानक होने वाली मौतों का कारण दिल का दौरा है. जब कोरोनरी धमनियां अवरुद्ध हो जाती हैं तो हृदय का सामान्य कामकाज रुक जाता है. इसी के कारण अचानक मृत्यु हो जाती है. अब तक भारत में इसका कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था. हालांकि, ऐसे मामलों में अध्ययन पर आधारित प्रारंभिक शोध पत्र में इसका उल्लेख किया गया है.

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अमेरिका के एफडीए मेमो में क्या आया सामने?

अमेरिका में 10 बच्चों की मौत के बाद एफडीए के हवाले से दावा किया है कि बच्चों की मौत दिल की सूजन की वजह से हुई, जो संभवत: कोविड वैक्सीन के कारण आई होगी. इस रिपोर्ट को आधार बनाकर अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने सरकार की टीकाकरण नीति ही बदल दी. नए नियमों के मुताबिक, अब कोविड का टीका केवल 65 पार बुजुर्गों को दिया जाएगा या फिर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी टीका दिया जा सकता है. गौरतलब है कि रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर वैक्सीन नीतियों के मुखर आलोचक पहले से रहे हैं. वहीं, बाइडेन और ट्रंप पहले से ही दोनों वैक्सीन को जीवन रक्षक बताते रहे.

अचानक होने वाली मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई संबंध नहीं

छोटी उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर एक साल से रिसर्च कर रहे डॉ. सुधीर अरावा ने बताया कि पहले उन्होंने इस संभावना को भी ध्यान में रखा था कि क्या युवाओं में अचानक होने वाली मौतों और कोविड वैक्सीन के बीच कोई संबंध है, लेकिन हमारी रिसर्च में पता चला कि इन अचानक होने वाली मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है. बुजुर्ग की मौत के पीछे ज्यादातर कारण हार्ट अटैक होता है, इस पर कई अध्ययन उपलब्ध हैं. हालांकि, हमारे पास युवाओं में इस प्रकार की मृत्यु के मामलों पर कोई अध्ययन नहीं था. पश्चिमी देशों में ऐसे अध्ययन मौजूद हैं. जब हमने रिसर्च शुरू की तो मिला कि युवाओं की अचानक हो रही मौतें हार्ट अटैक से हुई हैं. हमने इसे अपने शोध पत्र में भी दर्ज किया है.”

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युवाओं में क्यों बढ़ रहे हार्ट अटैक

युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों के पीछे के कारणों को समझाते हुए डॉक्टर ने कहा, “इसके कई कारण हो सकते हैं, और हमें उनमें से प्रत्येक पर विस्तृत अध्ययन करने की आवश्यकता है. जीवनशैली एक कारण हो सकती है, लेकिन हमारे अध्ययन से यह स्पष्ट है कि कोविड वैक्सीन से इसका कोई संबंध नहीं पाया गया. आजकल, युवाओं में अत्यधिक शराब के सेवन के मामले भी देखे जा रहे हैं, जो एक और कारण हो सकता है. हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए. डॉ. अरावा ने आगे कहा, “हमने आनुवंशिक विश्लेषण भी किया है और जब वह शोध पत्र प्रकाशित होगा, तो कुछ और पहलू स्पष्ट हो जाएंगे.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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