Covid vaccine not linked to sudden deaths: युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के कारणों पर दिल्ली एम्स में हुई रिसर्च ने अमेरिका के उस दावे को झुठला दिया है, जिसमें अमेरिका ने हाल ही में 10 बच्चों की मौत के लिए कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया था. एम्स के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. सुधीर अरावा ने ICMR journal में पब्लिश अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन मौतों का कोविड-19 वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है. डॉ. सुधीर अरावा ने एक साल में युवाओं की मौत के सामने आए केसों पर गहरे अध्यनन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी. डॉ. सुधीर अरावा ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि “युवाओं में अचानक होने वाली मौतों का कारण दिल का दौरा है. जब कोरोनरी धमनियां अवरुद्ध हो जाती हैं तो हृदय का सामान्य कामकाज रुक जाता है. इसी के कारण अचानक मृत्यु हो जाती है. अब तक भारत में इसका कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था. हालांकि, ऐसे मामलों में अध्ययन पर आधारित प्रारंभिक शोध पत्र में इसका उल्लेख किया गया है.
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#WATCH | Delhi: On AIIMS–ICMR research study on sudden deaths among young adults, Dr Sudheer Arava, Professor at AIIMS, New Delhi, says, "…Our initial study has shown that there is no such role of the COVID vaccine and complications related to sudden deaths, especially in young… pic.twitter.com/twjzmLkSst
— ANI (@ANI) December 14, 2025
अमेरिका के एफडीए मेमो में क्या आया सामने?
Medical officer reveals Covid Vaccine related HEART ISSUES skyrocketing in active duty Naval officers.
Myocarditis rises 151%
Pulmonary heart disease up 62%
Ischemic heart disease up 69%
Heart Failure increased a whopping 973% pic.twitter.com/BMbxzFQf5j---विज्ञापन---— healthbot (@thehealthb0t) December 13, 2025
अमेरिका में 10 बच्चों की मौत के बाद एफडीए के हवाले से दावा किया है कि बच्चों की मौत दिल की सूजन की वजह से हुई, जो संभवत: कोविड वैक्सीन के कारण आई होगी. इस रिपोर्ट को आधार बनाकर अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने सरकार की टीकाकरण नीति ही बदल दी. नए नियमों के मुताबिक, अब कोविड का टीका केवल 65 पार बुजुर्गों को दिया जाएगा या फिर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी टीका दिया जा सकता है. गौरतलब है कि रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर वैक्सीन नीतियों के मुखर आलोचक पहले से रहे हैं. वहीं, बाइडेन और ट्रंप पहले से ही दोनों वैक्सीन को जीवन रक्षक बताते रहे.
अचानक होने वाली मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई संबंध नहीं
छोटी उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर एक साल से रिसर्च कर रहे डॉ. सुधीर अरावा ने बताया कि पहले उन्होंने इस संभावना को भी ध्यान में रखा था कि क्या युवाओं में अचानक होने वाली मौतों और कोविड वैक्सीन के बीच कोई संबंध है, लेकिन हमारी रिसर्च में पता चला कि इन अचानक होने वाली मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई संबंध नहीं है. बुजुर्ग की मौत के पीछे ज्यादातर कारण हार्ट अटैक होता है, इस पर कई अध्ययन उपलब्ध हैं. हालांकि, हमारे पास युवाओं में इस प्रकार की मृत्यु के मामलों पर कोई अध्ययन नहीं था. पश्चिमी देशों में ऐसे अध्ययन मौजूद हैं. जब हमने रिसर्च शुरू की तो मिला कि युवाओं की अचानक हो रही मौतें हार्ट अटैक से हुई हैं. हमने इसे अपने शोध पत्र में भी दर्ज किया है.”
युवाओं में क्यों बढ़ रहे हार्ट अटैक
युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों के पीछे के कारणों को समझाते हुए डॉक्टर ने कहा, “इसके कई कारण हो सकते हैं, और हमें उनमें से प्रत्येक पर विस्तृत अध्ययन करने की आवश्यकता है. जीवनशैली एक कारण हो सकती है, लेकिन हमारे अध्ययन से यह स्पष्ट है कि कोविड वैक्सीन से इसका कोई संबंध नहीं पाया गया. आजकल, युवाओं में अत्यधिक शराब के सेवन के मामले भी देखे जा रहे हैं, जो एक और कारण हो सकता है. हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए. डॉ. अरावा ने आगे कहा, “हमने आनुवंशिक विश्लेषण भी किया है और जब वह शोध पत्र प्रकाशित होगा, तो कुछ और पहलू स्पष्ट हो जाएंगे.
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