बंगाल चुनाव की तैयारियों में जुटा चुनाव आयोग, इधर CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करेगा विपक्ष

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का नोटिस संसद में विपक्ष की ओर से दिया जाएगा। इधर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर चुका है। पढ़िए दिल्ली से प्रशांत देव की रिपोर्ट।

Election Commission preparing for Bengal elections
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पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्षी दलों के साथ मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का नोटिस संसद में विपक्ष की ओर से दिया जाएगा। इसके लिए नोटिस के दो अलग-अलग सेट तैयार किए गए हैं- एक लोकसभा के लिए और दूसरा राज्यसभा के लिए।लोकसभा के लिए तैयार किए गए नोटिस पर करीब 130 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जबकि राज्यसभा के नोटिस पर 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। नियमों के मुताबिक महाभियोग प्रस्ताव पेश करने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।

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इधर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर चुका है। सूत्रों के अनुसार आयोग 15 या 16 मार्च को पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है।
चुनाव आयोग का दावा है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और वैध मतदाता सूची तैयार कर ली गई है।

संभावित चुनाव घोषणा से पहले आयोग प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के स्तर को अपग्रेड कर दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में एसडीएम (Sub-Divisional Magistrate) या उसके समकक्ष अथवा उससे उच्च स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाए। इस संबंध में राज्य सरकार ने आयोग को अधिकारियों की सूची भी सौंप दी है।

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पश्चिम बंगाल में यह पहली बार होगा जब इतने बड़े स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे पहले कई विधानसभा क्षेत्रों में अपेक्षाकृत जूनियर अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती थी। निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस फैसले से चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाया जा सकेगा।

गौरतलब है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिम बंगाल में इस बार बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जा रही है, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त तरीके से संपन्न कराए जा सकें।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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