कौन थे CPI नेता आर नल्लाकन्नू? 101 साल की उम्र में हुआ निधन, इस वजह से मूंछ न रखने की खाई थी कसम

2023 में सीपीएम के एन शंकरैया के निधन के बाद नल्लाकन्नू तमिलनाडु के ऐसे कम्युनिस्ट नेता थे जिनका निधन 100 साल की उम्र के बाद हुआ.

R Nallakannu passes away

तमिलनाडु के वरिष्ठ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) नेता आर नल्लाकन्नू का बुधवार को राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया. लंबी बीमारी के बाद 1 फरवरी से आईसीयू में भर्ती आर नल्लाकन्नू ने दोपहर 1:55 बजे आखिरी सांस ली. अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि विशेष उपचार के बावजूद उनकी हालत गंभीर बनी रही. आर नल्लाकन्नू के निधन के बाद से तमिलनाडू में मातम पसरा हुआ है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी नल्लाकन्नू को आखिरी विदाई देते हुए श्रद्धांजलि दी.

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कौन थे R Nallakannu?


आपको बता दें कि 2023 में सीपीएम के एन शंकरैया के निधन के बाद नल्लाकन्नू तमिलनाडु के ऐसे कम्युनिस्ट नेता थे जिनका निधन 100 साल की उम्र के बाद हुआ. 1925 में तूथुकुदी जिले के पेरुम्पाथु गांव में जन्मे नल्लाकन्नु ने गरीबी व शोषण की जिंदगी नजदीक से देखी. 1946 में भारत अभी आजाद भी नहीं हुआ था तभी उन्होंने मार्क्सवादी आदर्शों से प्रेरित होकर सीपीआई जॉइन की. राजनीति उनके लिए महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि शोषितों के संघर्ष का हथियार थी. उन्होंने 1948 के नेल्लई षड्यंत्र मामले में सात वर्ष जेल काटी, जहां क्रूर यातनाओं का सामना किया.

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इस वजह से कभी नहीं रखी मूंछ


ऐसा बताया जाता है कि जेल में रहने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने सिगरेट से उनकी मूंछें जला दीं थी, जिसके बाद उन्होंने कभी मूंछें नहीं रखने की कसम खा ली. नल्लाकन्नु किसानों और कृषि मजदूरों के लिए जीवनभर लड़ते रहे साथ ही अवैध रेत खनन, कुडनकुलम परमाणु संयंत्र जैसे मुद्दों पर मुखर रहे. पर्यावरण, मजदूर अधिकार और भूमि सुधार के प्रबल समर्थक के रूप में उन्होंने 13 वर्ष तमिलनाडु सीपीआई का राज्य सचिव रहकर पार्टी को मजबूत आधार दिया. उन्होंने 25 वर्ष किसान संघों का नेतृत्व किया, प्रगतिशील दलों से गठबंधन कर सामाजिक कल्याण को बढ़ावा दिया.

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सादगी से जीता सभी का दिल


आपको जानकर हैरानी होगी कि आर नल्लाकन्नू ने अपने 80वें जन्मदिन पर कार और 1 करोड़ रुपये लौटा दिए थे. इतना ही नहीं उन्होंने 2022 के ‘ठगैसल तमिजर’ पुरस्कार के 15 लाख अपनी जेब से 5 हजार जोड़कर मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिए. नल्लाकन्नु का निधन तमिलनाडु राजनीति के एक युग का अंत है. सीएम एमके स्टालिन सहित नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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