Kashmir Cloudburst: कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही, 2 की मौत; सैकड़ों लोगों का रेस्क्यू
जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर बादल फटने और भारी बारिश के बाद आई फ्लैश फ्लड से तबाही मची है. इस आपदा में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एसडीआरएफ और प्रशासन ने सैकड़ों लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. शोपियां, कुपवाड़ा, पहलगाम और बांदीपोरा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 4, 2026 15:07
Share :
---विज्ञापन---
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं ने एक बार फिर भयंकर तबाही मचाई है. कश्मीर घाटी के विभिन्न जिलों में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सैकड़ों स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र की रहने वाली 52 साल की नसीमा बेगम और बारामूला जिले के बोनियार निवासी मुर्तजा बशीर के रूप में हुई है. नसीमा बेगम बादल फटने के बाद एक नाले को पार करने की कोशिश कर रही थीं, तभी तेज बहाव में बह गईं. बाद में उनका शव शाहाबाद क्षेत्र के पास बरामद किया गया. वहीं, बारामूला के सिंहपोरा इलाके में खराब मौसम के बीच मुर्तजा बशीर की पानी में डूबने से मौत हो गई.
---विज्ञापन---
बाढ़ के कारण किसानों को हुआ भारी नुकसान
वहीं, बाढ़ के कारण दक्षिण कश्मीर का शोपियां जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. जवूरा, बदरहामा और किजारसिंदा के ऊपरी इलाकों में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है.
एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इनमें स्कूली बच्चे और स्कूल कर्मचारी भी शामिल थे. प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत कार्य जारी हैं.
कुपवाड़ा के लोलाब, अनंतनाग के पहलगाम, बांदीपोरा के डार्डपोरा और अन्य इलाकों में भी बादल फटने की घटनाओं से सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं. पहलगाम के बटकूट क्षेत्र में एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि नुनवान बेस कैंप की दीवार गिरने से पानी शिविर में घुस गया और कई टेंटों को नुकसान पहुंचा. एहतियात के तौर पर करीब 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. जिसमें पर्यटक भी शामिल थे.