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कौन हैं रकीबुल हुसैन, जिनके नाम पर भूपेन बोरा ने छोड़ी कांग्रेस? असम चुनाव से पहले पार्टी हाईकमान को लगा झटका

असम कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच रकीबुल हुसैन का नाम चर्चा में है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे रकीबुल हुसैन के बढ़ते प्रभाव और पार्टी के भीतर जारी खींचतान को वजह बताया है.

Author Edited By : Varsha Sikri
Updated: Feb 18, 2026 14:39
bhupen borah and Rakibul Hussain
Credit: Social Media

असम की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. इस सियासी भूचाल के केंद्र में हैं रकीबुल हुसैन, जिनका नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद सुर्खियों में आ गया है. कहा जा रहा है कि भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने के पीछे रकीबुल हुसैन ही जिम्मेदार हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर कौन हैं रकीबुल हुसैन. चलिए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं

ये भी पढ़ें: कौन हैं भूपेन बोरा? कांग्रेस का हाथ छोड़ थामेंगे बीजेपी का दामन, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक करियर?

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कौन हैं रकीबुल हुसैन?

रकीबुल हुसैन असम के धुबरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उनका नाम कांग्रेस के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है. उन्होंने असम की राजनीति में जमीनी स्तर से काम करते हुए अपनी पहचान बनाई है. रकीबुल हुसैन लगातार 5 बार विधायक रह चुके हैं और अल्पसंख्यक समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में धुबरी सीट से जीत हासिल करने के बाद रकीबुल हुसैन का कद और बढ़ गया. इसके बाद पार्टी के भीतर उनके प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं. माना जा रहा है कि संगठन और टिकट वितरण जैसे अहम फैसलों में उनकी भूमिका मजबूत होती चली गई. उन्होंने कहा कि पार्टी में फैसले सामूहिक रूप से नहीं हो रहे थे और एक ही नेता का दबदबा बढ़ता जा रहा था.

भूपेन बोरा के आरोप

भूपेन बोरा ने समागुड़ी विधानसभा सीट पर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस की हार के लिए रकीबुल हुसैन को जिम्मेदार बताया. भूपेन बोरा का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने संकेत दिए कि बोरा जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इससे असम की सियासत और भी दिलचस्प हो गई है. फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना है. रकीबुल हुसैन जहां समर्थकों के लिए मजबूत नेता हैं, वहीं विरोधियों के लिए वो विवाद की वजह बन चुके हैं. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह सियासी घमासान असम की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है.

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First published on: Feb 18, 2026 02:39 PM

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