Balraj Singh
Read More
---विज्ञापन---
IAS Pranita Dash Success Story: बहुत से युवा पढ़-लिखकर विदेश में सेटल होने का ख्वाब अपने दिल-ओ-दिमाग में संजोए बैठे रहते हैं, वहीं इसके उलट देश में ही रहकर समाज के वंचित वर्ग की मदद करने की एक अच्छी सोच रखते कुछ चुनिंदा लोग ही हैं। आज हम एक ऐसी महिला के बारे में बात करेंगे, जिसने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में एमफिल करने के बावजूद आईएएस अफसर बनने का फैसला लिया। यह शख्सियत प्रणिता दाश हैं, जिन्होंने 2022 में अपने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। एक ओर वह लंदन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से एमफिल कर रही थी, भारत में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में देश में 42वीं रैंक हासिल की। आइए इनके जीवन को थोड़ा और करीब से जानते हैं…
ओडिशा के छोटे से शहर बारीपदा की रहने वाली प्रणिता दाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृहनगर से पांचवीं कक्षा तक हासिल की। प्रणिता ने अपनी स्कूली शिक्षा भुवनेश्वर में पूरी की और सेंट जेवियर्स कोलकाता से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कोलकाता से स्नातक करने के बाद, प्रणिता ने छात्रवृत्ति के साथ लंदन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी की। उनकी प्रारंभिक योजना अपने स्नातक वर्षों के दौरान सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने की थी।
अपनी मास्टर डिग्री के बाद प्रणिता दाश ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से एमफिल किया, साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी की। 2020 में उन्होंने अपना पहला यूपीएससी प्रयास किया, उसके बाद 2021 में दूसरा प्रयास किया। अफसोस की बात है कि वह किसी भी प्रयास में प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाईं। अपने तीसरे प्रयास में प्रणिता ने 2022 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने प्रभावशाली 42वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की और एक आईएएस अधिकारी बन गईं। यूपीएससी 2022 मेन्स परीक्षा पूरी करने के बाद प्रणिता कैम्ब्रिज चली गईं। मेन्स पास करने के बाद उन्होंने वहीं से इंटरव्यू की तैयारी पर फोकस किया। प्रणिता दाश ने कोचिंग कक्षाएं लेकर और मॉक टेस्ट और साक्षात्कार हल करके सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की।

इसके अलावा एक और बड़ी बात यह भी है कि प्रणिता दाश पारम्पिक नृत्य कला ओड़िसी में भी खासी रुचि रखती हैं। अनके अवसरों पर उन्होंने अपनी इस प्रतिभ का प्रदर्शन किया है। इच्छुक छात्रों को उनकी सलाह है कि वे आत्मविश्वास पैदा करें और ऐसा विषय चुनें, जिसके प्रति वे जुनूनी हों। अपने इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कई अपरंपरागत सवालों के जवाब दि। हालांकि उसने उनमें से कुछ का उत्तर दिया, लेकिन उसने बुद्धिमानी से कुछ का उत्तर न देने का निर्णय लिया। इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रारंभिक परीक्षा के बाद कई उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में कठिनाई होती है।
यह भी पढ़ें: भारतीय इंजीनियर राहुल पांडेय ने छोड़ दी थी मेटा की 6.5 करोड़ की जॉब; Linkedin पर बताई वजह?
प्रणिता दाश ने सलाह दी, “याद रखने वाली पहली बात यह है कि किसी भी विषय में बहुत गहराई तक नहीं जाना है। बुनियादी समझ और तथ्य बनाए रखें। हमेशा अपने उत्तरों को उदाहरणों और ग्राफ़ों से पुष्ट करें।” उन्होंने बताया कि यह दृष्टिकोण जन्मजात नहीं था, बल्कि उन्होंने इसे अभ्यास के माध्यम से सीखा था। प्रणिता दाश ने असफलताओं से सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सिविल सेवा के इच्छुक उम्मीदवारों को कड़ी मेहनत के माध्यम से बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन समाज और देश की सेवा करने के लिए विकल्पों और अवसरों की विविधता पर भी प्रकाश डाला।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।