---विज्ञापन---

देश

8 दिन में 5 देशों के PM मोदी के दौरे के क्या हैं मायने? घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो के बाद आज पहुंचे अर्जेंटीना

PM Modi 5 Country Trip: प्रधानमंत्री मोदी 5 देशों की यात्रा पर खास वजह से गए हैं। घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, नामीबिया, अर्जेंटीना और ब्राजील के दौरे पर जाने का मकसद भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। आइए जानते हैं कि पांचों देशों की खासियत क्या है और यह पांचों भारत के लिए क्यों जरूरी हैं?

PM Modi 5 Country Trip Motive: प्रधानमंत्री मोदी 5 देशों के 8 दिवसीय दौरे पर गए हैं और 2 देशों की यात्रा करके आज वे तीसरे देश में पहुंचे हैं। आज प्रधामनंत्री मोदी अर्जेंटीना में हैं, जहां वे कल भी रहेंगे। इससे पहले वे कैरेबियन देश त्रिनिदाद और टोबैगो में थे। त्रिनिदाद से पहले वे अफ्रीकी देश घाना के ट्रिप पर गए थे। दोनों देशों में उनका शानदार स्वागत हुआ। भारतीय समुदाय से उन्होंने मुलाकात की और उन्हें दोनों देशों ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी एक साथ 5 देशों के दौरे पर और इन्हीं 5 देशों के दौरे पर क्यों गए हैं? आइए प्रधानमंत्री मोदी की इन पांचों देशों की यात्रा का मकसद जानते हैं…

यह भी पढ़ें:‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ लागू होने के बाद क्या-क्या बदलेगा? ट्रंप ने ‘स्वतंत्रता दिवस’ पर बनाया कानून

---विज्ञापन---

पांचों देशों की खासियतें और भारत को फायदा

घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया के दौरे पर जाने का प्रधानमंत्री मोदी का मकसद भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। उपरोक्त 4 देशों में ऐसे खनिज और ऊर्जा संसाधन हैं, जो भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं। वहीं ब्राजील में वे ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने जा रहे हैं। साल 2025 में 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है, जो 6-7 जुलाई को ब्राजील के रियो डी जनेरियो में होने जा रहा है।

घाना में दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडारों में से एक भंडार है। लिथियम इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी स्टोरेज के लिए जरूरी है।

---विज्ञापन---

त्रिनिदाद और टोबैगो में हाइड्रोकार्बन्स संसाधन (तेल और गैस) हैं, जो भविष्य में भारत की तेल और गैस की जरूरतों को पूरा सकता है।

अर्जेंटीना में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लिथियम भंडार और दूसरा सबसे बड़ा Shale गैस का भंडार है।

---विज्ञापन---

नामीबिया में दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक भंडार है, जो परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी है।

यह भी पढ़ें:क्या बिहार में वोटबंदी की कोशिश कर रही BJP? देखें क्या कहती है News24 की ये स्पेशल रिपोर्ट

---विज्ञापन---

क्या है ब्रिक्स और कहां होगा समिट?

ब्रिक्स की स्थापना 2009 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने की थी। साल 2010 में इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ था। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए। 2025 में इंडोनेशिया शामिल हुआ। ब्रिक्स (BRICS) में आज 11 सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, ईरान और इंडोनेशिया हैं। इनके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान जैसे पार्टनर देश भी हैं।

First published on: Jul 05, 2025 09:11 AM

End of Article

About the Author

News24 हिंदी

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola