क्या है पुरुष आयोग और किसने उठाई इसकी मांग? चर्चा में कब आया था पहली बार, कमीशन के गठन में क्या हैं अड़चनें
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने समाज में लोगों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है. केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई खौफनाक हत्या की साजिश सामने आने के बाद अब पुरुषों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा भी उठने लगा है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 5, 2026 10:25
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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने समाज में लोगों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है. केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई खौफनाक हत्या की साजिश सामने आने के बाद अब पुरुषों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा भी उठने लगा है. मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताते हुए देश में 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की पुरजोर मांग उठाई है.
बता दें कि पुणे मर्डर मामले में 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन को गिरफ्तार किया गया है.
सांसद ने शेयर किया अपना पुराना प्राइवेट बिल
सांसद मित्तल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. यह वीडियो दिसंबर 2025 की राज्यसभा कार्यवाही का है, जब उन्होंने पुरुष आयोग बनाने के लिए संसद में एक 'प्राइवेट मेंबर बिल' पेश किया था.
मित्तल ने एक्स पर लिखा, 'पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है. केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए, और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए. मैंने संसद में 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था. हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए. केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं. उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके. लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए.'
बता दें कि अशोक कुमार मित्तल पंजाब से सांसद चुने गए थे. जब उन्होंने यह बिल पेश किया था, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा थे. हालांकि, इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले 7 AAP सांसदों के गुट के हिस्से के रूप में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का दावा किया था.
संसद में किसी भी प्राइवेट मेंबर बिल के पास होने की संभावना बहुत कम होती है और यह मुश्किल से ही कभी वोटिंग के चरण तक पहुंच पाता है. इतिहास पर नजर डालें तो आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 14 प्राइवेट बिल ही कानून का रूप ले पाए हैं. वहीं, साल 1970 के बाद से कोई भी ऐसा बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है.
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने समाज में लोगों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है. केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई खौफनाक हत्या की साजिश सामने आने के बाद अब पुरुषों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा भी उठने लगा है. मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताते हुए देश में ‘राष्ट्रीय पुरुष आयोग’ बनाने की पुरजोर मांग उठाई है.
बता दें कि पुणे मर्डर मामले में 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन को गिरफ्तार किया गया है.
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सांसद ने शेयर किया अपना पुराना प्राइवेट बिल
सांसद मित्तल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. यह वीडियो दिसंबर 2025 की राज्यसभा कार्यवाही का है, जब उन्होंने पुरुष आयोग बनाने के लिए संसद में एक ‘प्राइवेट मेंबर बिल’ पेश किया था.
मित्तल ने एक्स पर लिखा, ‘पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है. केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए, और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए. मैंने संसद में ‘नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल’ पेश किया था. हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए. केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं. उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके. लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए.’
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Pune Ketan Agarwal case is deeply disturbing. Ketan and his family deserve a fair, thorough, and impartial investigation, and above all, justice.
I introduced the National Commission for Men Bill in Parliament. Every victim deserves justice, support, and equal protection under… pic.twitter.com/M6ENpG1T7F
— Ashok Kumar Mittal (@DrAshokKMittal) July 3, 2026
बता दें कि अशोक कुमार मित्तल पंजाब से सांसद चुने गए थे. जब उन्होंने यह बिल पेश किया था, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा थे. हालांकि, इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले 7 AAP सांसदों के गुट के हिस्से के रूप में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का दावा किया था.
संसद में किसी भी प्राइवेट मेंबर बिल के पास होने की संभावना बहुत कम होती है और यह मुश्किल से ही कभी वोटिंग के चरण तक पहुंच पाता है. इतिहास पर नजर डालें तो आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 14 प्राइवेट बिल ही कानून का रूप ले पाए हैं. वहीं, साल 1970 के बाद से कोई भी ऐसा बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है.