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बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को फिर मिलेगी Z सिक्योरिटी, राशन घोटाला में जमानत पर हैं बाहर

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले और राशन भ्रष्टाचार मामले के आरोपी पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को पिछले महीने 15 जनवरी को जमानत मिली थी। ईडी ने राशन भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अब खबर सामने आ रही है कि उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी।

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मनोज पांडेय, कोलकाता

West Bengal Former Minister Jyotipriya Mallick: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक राशन भ्रष्टाचार मामले में पिछले महीने ही जमानत पर बाहर आए हैं। राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री को ईडी की विशेष अदालत ने जमानत दी थी। कोर्ट ने उन्हें 5 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। इसी बीच खबर आ रही है कि ज्योतिप्रिय मल्लिक को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। बता दें कि ज्योतिप्रिय मल्लिक को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।

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क्या होती है Z कैटेगरी सुरक्षा?

Z कैटेगरी सुरक्षा भारत में तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी होती है। यह सुरक्षा उन लोगों को दी जाती है, जिनकी जान को किसी भी तरह का खतरा हो सकता है। यह सुरक्षा राजनेता, जज, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, फिल्मी सितारों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों को दी जाती है। बता दें कि देश में कुल 5 सुरक्षा श्रेणियां हैं। इनमें Z+, Z, Y+, Y और X शामिल हैं। जेड श्रेणी तीसरी उच्चतम श्रेणी की सुरक्षा मानी जाती है। जेड श्रेणी सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इनमें 4 या 6 एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो और अन्य सशस्त्र सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इस सुरक्षा के तहत एक एस्कॉर्ट कार भी दी जाती है, जो हर वक्त सुरक्षा घेरे के रूप में साथ चलती है। यह सुरक्षा ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) या CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) द्वारा प्रदान की जाती है। जरूरत के अनुसार स्थानीय पुलिस भी इसमें सहयोग करती है। Z कैटेगरी में 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) होते हैं, जो हर वक्त सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के साथ रहते हैं।

कौन उठाता है इस सुरक्षा का खर्च?

जेड श्रेणी सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई सुरक्षाकर्मियों के साथ एक काफिला बनता है, जिसमें सुरक्षा वाहन भी शामिल होते हैं। इसका खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाता है। 2014 में एक आरटीआई के जवाब में यह स्पष्ट किया गया था कि सुरक्षा के खर्च को राज्य सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है।

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27 अक्टूबर 2023 को ईडी ने किया था गिरफ्तार

बता दें कि ज्योतिप्रिय मल्लिक को ईडी ने 27 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया था और गिरफ्तारी के 14 महीने बाद उन्हें जमानत मिली थी। एक समय ईडी के वकीलों ने ज्योतिप्रिय मल्लिक को ‘भ्रष्टाचार का गंगासागर’ कहा था। विशेष  अदालत ने जमानत देते वक्त कहा था कि मल्लिक को जमानत दी जा रही है, क्योंकि ईडी अभी तक पर्याप्त सबूत नहीं जुटा पाई है। न्यायाधीश प्रशांत मुखर्जी ने टिप्पणी की थी कि वह लंबे समय से जेल में है जबकि अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। केंद्रीय एजेंसी को टीचर भर्ती भ्रष्टाचार मामले की जांच के दौरान राशन भ्रष्टाचार का पता चला था। इसके बाद सबसे पहले चावल मिल मालिक बाकिबुर रहमान को गिरफ्तार किया गया था। फिर उसी साल यानी 2023 में पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया गया था।

First published on: Feb 24, 2025 09:49 PM

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