दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जमानत देने से मना कर दिया. जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी करीबी दोस्त और एक्टिविस्ट बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने उनकी और उमर खालिद के बीच हुई बातचीत के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. पोस्ट में लाहिड़ी ने उमर खालिद के हवाले से लिखा है कि दूसरे लोगों को जमानत मिलने पर वह खुश हैं.
लाहिड़ी ने बताया कि उमर खालिद ने उनसे कहा, ‘जिन दूसरे लोगों को जमानत मिली है, उनके लिए खुश हूं, ये सुकून भरा है.’ लाहिड़ी लिखती हैं, ‘मैंने जवाब दिया कि मैं मुलाकात के लिए कल आऊंगी.’ इस पर उमर ने जवाब दिया, जैसा लाहिड़ी ने सोशल पोस्ट में लिखा, ‘अच्छा, अच्छा… आ जाना. अब यही जिंदगी है.’
"I am really happy for the others, who got bail! So relieved", Umar said.
— banojyotsna … (@banojyotsna) January 5, 2026
"I'll come tomorrow for Mulaqat", I replied.
"Good good, aa jana. Ab yahi zindagi hai".#UmarKhalid
बता दें, दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक साजिश के सबूत हैं. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पांच दूसरे आरोपियों – गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शादाब अहमद, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दे दी. इन्हें सख्त शर्तों के साथ जमानत दी गई है. 2 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत देने से मना करने के बाद इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
यह भी पढ़ें : 5 आरोपियों को राहत लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को क्यों नहीं? SC ने क्यों सही मानी दिल्ली पुलिस की दलील
उमर खालिद और शरजील इमाम पर आरोप हैं कि 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश इन्होंने ही रची थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने UAPA के तहत एफआईआर दर्ज की थी. उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद से खालिद जेल में बंद है. वहीं, शरजील इमाम पर कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हैं. इनमें से ज्यादातर में देशद्रोह और UAPA के तहत आरोप हैं. हालांकि, इमाम को दूसरे मामलों में जमानत मिल गई, लेकिन दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश के मामले में अभी तक नहीं मिली है.










