---विज्ञापन---

देश

देशभर में 32 यूनिवर्सिटी फर्जी, UGC ने लिस्ट जारी कर दी चेतावनी, दिल्ली में सबसे ज्यादा

UGC Fake University List 2026: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के 32 यूनिवर्सिटीज को 'फर्जी' करार देते हुए उनकी सूची सार्वजनिक कर दी है. इन संस्थानों के पास कोई भी डिग्री देने का कानूनी अधिकार नहीं है. हैरानी की बात यह है कि देश की राजधानी दिल्ली इस लिस्ट में सबसे ऊपर है.

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 20, 2026 18:39
UGC

UGC Fake University List 2026: यूजीसी ने देश में 12 राज्यों में फैले 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की लिस्ट जारी करते हुए इसमें एडमिशन न लेने की चेतावनी दी है. इन संस्थानों को UGC एक्ट के तहत मान्यता नहीं है और ये वैध डिग्री देने का अधिकार नहीं रखते. दिल्ली में सबसे अधिक फर्जी विश्वविद्यालय पाए गए हैं और सूची में नए राज्य भी जुड़ गए हैं. UGC ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इन 32 संस्थानों द्वारा दी गई कोई भी डिग्री नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए मान्य नहीं होगी. छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यूनिवर्सिटी की मान्यता जरूर चेक करें.

यह भी पढ़ें: अब AI पर कसेगी नकेल, तीन घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट; जानें नए आईटी नियमों में हुए क्या बदलाव?

---विज्ञापन---

दिल्ली टॉप पर, 12 फर्जी यूनिवर्सिटी

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फर्जी विश्वविद्यालय पाए गए हैं. इनमें शामिल हैं अलीपुर स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (AIIPHS), दरियागंज की कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट, कोटला मुबारकपुर की इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग और पीतमपुरा की वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (WPUNU) समेत कई अन्य नाम हैं.

फर्जी संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 32

पिछले दो सालों में ऐसे फर्जी संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 32 हो गई है. इस सूची में हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे नए राज्य शामिल किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में एक फर्जी विश्वविद्यालय की जानकारी मिली है. आयोग ने बेंगलुरु में ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी के नाम से संचालित एक संस्थान के बारे में विशेष चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि इसे विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं है. एजुकेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे संस्थान बिना इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी या स्टैंडर्ड के चलते हैं. छात्रों का करियर और पैसा दोनों दांव पर लग जाते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ‘देसी इनोवेशन’ से कैसे चमकेगा भारत? PM मोदी ने AI स्टार्टअप्स के सामने रखा बड़ा विजन

First published on: Feb 20, 2026 06:39 PM

ugc
End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.