त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा का नस्लवादी टिप्पणियों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से मर्डर कर दिया गया था. चकमा पर छह युवकों ने चाकू से वार और ‘ब्रास नकल्स’ से हमला कर दिया था. चकमा को इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि अस्पताल में वह 14 दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा. उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अब उसकी मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है. मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, चकमा के ब्रेन में ब्लीडिंग हुई थी. सिर की चोट के अलावा, उसके हाथ-पैरों पर कई जगह गहरे जख्म थे. रीढ़ की हड्डी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था और जिसकी वजह से शरीर के दाहिने हिस्से में हलचल बंद हो गई थी.
CM धामी ने की चकमा के पिता से बात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एंजेल चकमा के पिता, तरुण प्रसाद चकमा से बात करके दुख व्यक्त किया. इसके साथ ही सीएम ने हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. एंजेल के पिता सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हैं. सीएम धामी ने कहा कि पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
एक आरोपी भागा नेपाल
आरोपियों में 22 वर्षीय सूरज खवास और उसके पांच दोस्तों के रूप में हुई है. सूरज मूल रूप से मणिपुर का निवासी है और वर्तमान में देहरादून में रह रहा था. सीएम धामी ने बताया कि एक आरोपी के नेपाल भाग जाने का शक और उसे पकड़ने की कोशिश जारी है. उसकी सूचना देने पर इनाम की घोषणा भी की गई है.
इन लोगों ने 9 दिसंबर को सेलाकुई बाजार में एंजेल पर हमला कर दिया था. जब हमला हुआ तब एंजेल अपने भाई माइकल के साथ था. एंजेल के पिता ने कहा कि हमलावरों ने उस पर नस्लवादी टिप्पणियां की थीं.
राहुल गांधी ने साधा BJP पर निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र की हत्या को ‘भयानक नफरती अपराध’ बताया और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने नफरत को ‘सामान्य’ बना दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ वह एक भयानक नफरती अपराध है. नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती. वर्षों से, इसे रोजाना विशेष रूप से हमारे युवाओं में जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के जरिए भरा जा रहा है. और इसे सत्तारूढ़ भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा सामान्य बनाया जा रहा है.’
What happened to Anjel Chakma and his brother Michael in Dehradun is a horrific hate crime.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 29, 2025
Hate doesn’t appear overnight. For years now it is being fed daily – especially to our youth – through toxic content and irresponsible narratives. And it’s being normalised by the… pic.twitter.com/eDN7XiIGZ2
साथ ही उन्होंने कहा, ‘भारत सम्मान और एकता का देश है, डर और गाली-गलौज का नहीं. हमारा देश प्यार और विविधता वाला है. हमें एक मरा हुआ समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीयों को निशाना बनाए जाने पर भी आंखें मूंदे रहे. हमें सोचना होगा और सामना करना होगा कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं.’










