ओडिशा सरकार ने राज्यव्यापी स्तर पर तंबाकू या निकोटीन युक्त सभी खाद्य उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध में गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी, सुगंधित या स्वादयुक्त चबाने योग्य उत्पाद, साथ ही कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ शामिल है जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिलाया गया हो—चाहे वे पैकेटबंद हों, खुले में बेचे जाते हों, अलग-अलग पैकेटों में बेचे जाते हों या किसी अन्य खाद्य वस्तु के साथ मिश्रित करके बेचे जाते हों. यह प्रतिबंध उत्पाद के विपणन नाम या ब्रांड से बिल्कुल स्वतंत्र है. ओडिशा सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रतिबंध का पूरी तरह पालन करें और एक स्वस्थ, तंबाकू-मुक्त ओडिशा बनाने में सक्रिय योगदान दें. विशेष दस्ते (स्पेशल स्क्वॉड) गठित किए गए हैं ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके. यह कदम न केवल मौखिक कैंसर जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा भी करेगा.
The Odisha government has issued a fresh notification imposing a complete ban on all products containing tobacco or nicotine, following a Supreme Court order.
Odisha Health Department announced a comprehensive ban on the manufacture, processing, packaging, storage,…---विज्ञापन---— ANI (@ANI) January 22, 2026
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का किया अनुपालन
यह निर्णय भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही गुटखा और तंबाकू-निकोटीन युक्त पान मसाला के निर्माण व बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने पाया था कि कई विक्रेता पान मसाला और तंबाकू को अलग-अलग पैकेटों में बेचकर प्रतिबंध की धज्जियां उड़ा रहे थे, जिससे उपभोक्ता आसानी से इन्हें मिलाकर गुटखा बना लेते थे. राज्य सरकार ने इस बढ़ती समस्या को देखते हुए 2013 के पुराने प्रतिबंध को मजबूत बनाया और अब पूर्ण रूप से लागू कर दिया है. यह प्रतिबंध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2011 की धारा 2.3.4 के तहत लागू किया गया है.
सरकारी अधिसूचना में बताया, स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
ओडिशा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी गई अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि धुआं रहित तंबाकू (स्मोकलेस टोबैको) का व्यापक उपयोग, जैसे पान मसाला, सुपारी, अरेका नट, चूना और सुगंधित मसालों के साथ मिलाकर, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है. यह विशेष रूप से बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों के लिए घातक साबित होता है. गौरतलब है कि यह प्रतिबंध वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण के दूसरे दौर के बाद लगाया गया है, जिसमें पता चला है कि ओडिशा की 42% वयस्क आबादी धुआं रहित तंबाकू का उपयोग करती है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी है.










