तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर एक नई पार्टी 'NCPI' में शामिल होने वाले 20 सांसदों का मामले ने एक नया मोड़ लिया है. लगातार दूसरे मंगलवार को जब एनडीए के सांसदों की 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई, तो उसमें बागी सांसदों की संख्या 17 ही रही. तीन बागी मुस्लिम सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान लगातार दूसरी बार भी एनडीए की इस बैठक से नदारद रहे.
सुवेंदु अधिकारी के लंच में सभी सांसद पहुंचे
हालांकि, सियासी गलियारों में हलचल तब बढ़ गई जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दिल्ली स्थित 'बंगा भवन' में सभी 20 बागी सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया. खास बात यह रही कि एनडीए की बैठक से दूरी बनाने वाले तीनों मुस्लिम सांसद भी इस लंच में शामिल हुए.
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लंच में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद थे. इन्होंने टीएमसी सांसदों की इस बगावत में अहम भूमिका निभाई थी.
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सौगत रॉय का बड़ा दावा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने एक बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने कहा कि बगावत करने वाले कुछ सांसद उनके संपर्क में हैं और वे पार्टी में वापस लौटना चाहते हैं. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि बैठक से नदारद रहने वाले सांसद भी एनडीए के ही साथ हैं और बैठक से दूर रहना उनकी एक 'रणनीतिक चाल' का हिस्सा है.
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कहां अटका विलय का फैसला
फिलहाल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इन 20 सांसदों के NCPI में विलय को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है. लोकसभा की वेबसाइट पर अभी भी इन्हें बतौर तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में दिखाया जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी सिलसिले में सुवेंदु अधिकारी ने संसद भवन जाकर स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की है.