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देश

”यह समय समाधान का है, व्यवधान का नहीं” बजट सत्र को लेकर PM मोदी ने किया देश को संबोधित

बजट सत्र की शुरुआत पर PM नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान- कहा, यह समय समाधान का है, व्यवधान का नहीं. राष्ट्रपति के अभिभाषण, विकसित भारत 2047, ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और सरकार की प्राथमिकताओं पर क्या बोले पीएम मोदी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Written By: Kumar Gaurav Updated: Jan 29, 2026 12:54

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास, पुरुषार्थ और विशेष रूप से युवाओं की आकांक्षाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने सत्र के आरंभ में सांसदों के सामने राष्ट्र के मुखिया के रूप में देश की भावनाओं और अपेक्षाओं को बहुत ही सरल और स्पष्ट शब्दों में रखा है.

PM मोदी ने कहा कि यह बजट सत्र अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और अब दूसरे क्वार्टर की शुरुआत हो रही है. इसी के साथ 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले 25 वर्षों की निर्णायक अवधि का आगाज हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट देश की दिशा तय करने वाला साबित होगा.

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प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं, जो भारत के संसदीय इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है. उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया.

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PM मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आत्मविश्वास से भरा भारत आज दुनिया के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बन चुका है. भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे ‘आकांक्षी भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए बड़ा अवसर बताया. उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि खुले वैश्विक बाजार का लाभ उठाते हुए गुणवत्ता पर जोर दिया जाए, ताकि भारतीय उत्पाद यूरोप के 27 देशों में अपनी मजबूत पहचान बना सकें.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता किसानों, मछुआरों, युवाओं और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा और इससे भारत को एक कॉन्फिडेंट, कॉम्पिटिटिव और प्रोडक्टिव अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती मिलेगी.

सरकार की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए PM मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है और देश अब तेजी से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार लॉन्ग टर्म पेंडिंग समस्याओं के बजाय लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस पर काम कर रही है, जिससे नीतिगत स्थिरता और वैश्विक भरोसा पैदा हुआ है.

PM मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार की योजनाएं ह्यूमन-सेंट्रिक हैं और टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए भी मानवीय संवेदनशीलता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि योजनाओं को फाइलों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है.

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अंत में प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अपील की कि यह समय व्यवधान का नहीं, समाधान का है. उन्होंने कहा कि संसद को लोकतंत्र के मंदिर के रूप में देश और दुनिया को भारत की ताकत, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्णय क्षमता का स्पष्ट संदेश देना चाहिए.

First published on: Jan 29, 2026 12:24 PM

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