Telangana Assembly Election 2023: तेलंगाना में कांग्रेस की जीत के 5 बड़े कारण
Telangana Assembly Election 2023: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना चल रही है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही है। कांग्रेस शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए है। वहीं 9 साल से खड़ा BRS का किला ढहता नजर आ रहा है। तेलंगाना में कुल 119 विधानसभा सीटें हैं। वहीं सरकार […]
Edited By : Khushbu Goyal|Updated: Dec 3, 2023 16:24
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Telangana Assembly Election 2023
Telangana Assembly Election 2023: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना चल रही है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही है। कांग्रेस शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए है। वहीं 9 साल से खड़ा BRS का किला ढहता नजर आ रहा है। तेलंगाना में कुल 119 विधानसभा सीटें हैं। वहीं सरकार बनाने के लिए 60 सीटें चाहिए। मतदाताओं ने आज 2290 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया है। वहीं न्यूज 24 और टुडेज चाणक्या के स्टेट एनालिसिस भी सही साबित हो रहे हैं। एनालिसिस में कांग्रेस को 71 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। BRS को 33 और भाजपा को 7 सीटें दी गई थी। अन्य को 8 सीटें दी गई थीं, लेकिन रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिलने से वर्कर्स काफी खुश नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस की जीत के 5 कारण यह घोषणाएं
तेलंगाना में कांग्रेस की जीत का एक कारण मुस्लिम तुष्टिकरण पर फोकस है। वहीं प्रदेश वासियों के लिए कांग्रेस की ओर से की गई घोषणाएं हैं, जिन्होंने लोगों को लुभाया और उन्होंने कांग्रेस को वोट दिए। कांग्रेस ने तेलंगाना के लिए यह घोषणाएं की थीं...
- सरकार बनते ही 6 महीने के अंदर जातिगत जनगणना कराई जाएगी।
- अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए बजट को सालाना 4 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
- जॉब्स, एजुकेशन और सरकारी योजनाओं में अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिया जाएगा।
- बेरोजगारों, अल्पसंख्यक युवाओं, महिलाओं को करीब एक हजार करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा।
- कांग्रेस अब्दुल कलाम तौफा-ए-तालीम योजना लागू करेगा। इसके जरिए मुस्लिम, ईसाई, सिख और अन्य अल्पसंख्यक युवाओं को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे MPHIL-PHD कर सकें।
- सभी धर्मों के पुजारियों के लिए 10 हजार से 12 हजार रुपये मासिक भत्ता देने का ऐलान किया है। ।
- उर्दू टीचर्स की भर्ती की जाएगी।
- अल्पसंख्यकों को नए मकान बनाने के लिए जगह और करीब 5 लाख रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी।
- अल्पसंख्यक वर्ग के नवविवाहित जोड़ों को 1.6 लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ घर बनाने को जगह दी जाएगी।
Telangana Assembly Election 2023: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना चल रही है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही है। कांग्रेस शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए है। वहीं 9 साल से खड़ा BRS का किला ढहता नजर आ रहा है। तेलंगाना में कुल 119 विधानसभा सीटें हैं। वहीं सरकार बनाने के लिए 60 सीटें चाहिए। मतदाताओं ने आज 2290 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया है। वहीं न्यूज 24 और टुडेज चाणक्या के स्टेट एनालिसिस भी सही साबित हो रहे हैं। एनालिसिस में कांग्रेस को 71 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। BRS को 33 और भाजपा को 7 सीटें दी गई थी। अन्य को 8 सीटें दी गई थीं, लेकिन रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिलने से वर्कर्स काफी खुश नजर आ रहे हैं।
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कांग्रेस की जीत के 5 कारण यह घोषणाएं
तेलंगाना में कांग्रेस की जीत का एक कारण मुस्लिम तुष्टिकरण पर फोकस है। वहीं प्रदेश वासियों के लिए कांग्रेस की ओर से की गई घोषणाएं हैं, जिन्होंने लोगों को लुभाया और उन्होंने कांग्रेस को वोट दिए। कांग्रेस ने तेलंगाना के लिए यह घोषणाएं की थीं…
– सरकार बनते ही 6 महीने के अंदर जातिगत जनगणना कराई जाएगी।
– अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए बजट को सालाना 4 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
– जॉब्स, एजुकेशन और सरकारी योजनाओं में अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिया जाएगा।
– बेरोजगारों, अल्पसंख्यक युवाओं, महिलाओं को करीब एक हजार करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा।
– कांग्रेस अब्दुल कलाम तौफा-ए-तालीम योजना लागू करेगा। इसके जरिए मुस्लिम, ईसाई, सिख और अन्य अल्पसंख्यक युवाओं को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे MPHIL-PHD कर सकें।
– सभी धर्मों के पुजारियों के लिए 10 हजार से 12 हजार रुपये मासिक भत्ता देने का ऐलान किया है। ।
– उर्दू टीचर्स की भर्ती की जाएगी।
– अल्पसंख्यकों को नए मकान बनाने के लिए जगह और करीब 5 लाख रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी।
– अल्पसंख्यक वर्ग के नवविवाहित जोड़ों को 1.6 लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ घर बनाने को जगह दी जाएगी।
राजनीतिज्ञों के अनुसार, तेलंगाना में BRSL सरकार अपने कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं दे पा रही थी। इसके अलावा बेरोजगारों को नौकरी भी नहीं मिल रही थी। इस कारण के. चन्द्रशेखर की लोकप्रियता घटी, जिसका फायदा विरोधियों को मिला, जिसमें से एक कांग्रेस भी है।